सीबीएसई की दसवीं परीक्षा देने वाले छात्रों और उनके माता-पिता के लिए बड़ी खबर है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 29 अक्टूबर 2026 को 2028 की कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा की संरचना को लेकर स्थिति साफ कर दी है। अब पांच अनिवार्य विषयों के साथ एक अतिरिक्त कौशल (स्किल) पेपर भी होगा, जो मुश्किल विषयों में फेल होने पर भी छात्रों को पास होने में मदद कर सकता है।
यह स्पष्टीकरण सिर्फ एक बैच के लिए है, इसलिए इसे समझना ज़रूरी है कि यह नियम किस पर लागू होगा और किस पर नहीं।
यह नियम किन छात्रों पर लागू होगा
रिपोर्टों के अनुसार, यह स्पष्टीकरण विशेष रूप से उन छात्रों पर लागू होगा जो 2026-27 सत्र में कक्षा 9 में पढ़ रहे हैं और 2028 में कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा देंगे। मौजूदा कक्षा 10 के बैच पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। बोर्ड ने यह स्पष्टीकरण स्कूल प्राचार्यों को भेजे गए पत्र में दिया है।
सीबीएसई की अकादमिक निदेशक प्रज्ञा एम. सिंह ने कहा है कि कक्षा 10 (2028 बैच) के लिए व्यावसायिक शिक्षा अनिवार्य पाठ्यचर्या क्षेत्र बना रहेगा। इसे पूरा करने के लिए छात्र 'कौशल विकास' विषय चुन सकते हैं या बोर्ड द्वारा अधिसूचित 22 कौशल विषयों में से कोई एक चुन सकते हैं।
पांच अनिवार्य विषय कौन से होंगे
नई संरचना के तहत बोर्ड परीक्षा में पांच अनिवार्य विषय होंगे: दो भाषाएं, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान। हालांकि छात्र कुल नौ अनिवार्य पाठ्यचर्या क्षेत्र पढ़ेंगे, जिनमें तीसरी भाषा, कला शिक्षा, शारीरिक शिक्षा और कल्याण, और व्यावसायिक शिक्षा भी शामिल है।
कौशल विषयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, सूचना प्रौद्योगिकी, वित्तीय बाज़ार, स्वास्थ्य सेवा और डिज़ाइन थिंकिंग जैसे विषय शामिल हैं। इन विषयों को चुनने वाले छात्रों को संबंधित विषय में कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा देनी होगी। पास होने पर उन्हें राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के तहत प्रमाणपत्र मिलेगा और अंक व ग्रेड मार्कशीट में दर्ज होंगे।
कौशल पेपर 'सेफ्टी नेट' कैसे बनेगा
रिपोर्टों के अनुसार, अतिरिक्त कौशल पेपर की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यह छात्रों के लिए एक सुरक्षा जाल की तरह काम कर सकता है। अगर कोई छात्र गणित, विज्ञान या सामाजिक विज्ञान में फेल हो जाता है, तो कौशल विषय की मदद से वह परीक्षा पास कर सकता है। यानी एक विषय में कमज़ोरी अब पूरे साल की मेहनत पर पानी नहीं फेरेगी।
दूसरा रास्ता 'कौशल विकास' का है। इसे चुनने वाले छात्रों को बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी। उनकी स्कूल-आधारित आंतरिक मूल्यांकन होगा और कम से कम 33 प्रतिशत अंक लाने पर स्कूल प्रमाणपत्र मिलेगा। यानी छात्र अपनी रुचि और क्षमता के हिसाब से दो में से एक रास्ता चुन सकेंगे।
क्या-क्या शामिल नहीं होगा
बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि अंतःविषय क्षेत्र और कंप्यूटेशनल थिंकिंग व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉड्यूल इस अध्ययन योजना में शामिल नहीं होंगे। रिपोर्टों के अनुसार, कक्षा 9 में 'इंडिविजुअल्स इन सोसाइटी' और कक्षा 10 में 'पर्यावरण शिक्षा' जैसे अंतःविषय विषय भी योजना से बाहर रहेंगे।
कुल मिलाकर, 2028 का ढांचा छात्रों को किताबी पढ़ाई के साथ-साथ व्यवहारिक कौशल की ओर भी ले जाता है। जो छात्र नौवीं कक्षा में हैं, उनके लिए यही सही समय है कि वे स्कूल से चर्चा करके यह तय करें कि उनके लिए कौशल विकास बेहतर रहेगा या 22 कौशल विषयों में से कोई एक।
स्रोत: द हिंदू, द टेलीग्राफ। Global Insight पर शिक्षा से जुड़ी ऐसी ही खबरों के लिए हमें फॉलो करें।
