देवा निधन: रजनीकांत ने दी अंतिम विदाई, राज्यपाल आर्लेकर और CM विजय ने जताया शोक

तमिल सिनेमा के मशहूर संगीतकार देवा, जिन्हें प्यार से 'थेनिसै थेंड्रल' कहा जाता था, का शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में निधन हो गया। वे 75 वर्ष के थे। रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें सुबह दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद चेन्नई के सूर्या अस्पताल में सुबह करीब 8:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से तमिल फिल्म उद्योग में शोक की लहर दौड़ गई है।

संगीतकार देवा को श्रद्धांजलि — हारमोनियम और वीणा के साथ तेल के दीयों की रोशनी में कलात्मक चित्र

रजनीकांत ने घर पहुंचकर दी अंतिम विदाई

सुपरस्टार रजनीकांत शनिवार को ही देवा के चेन्नई स्थित आवास पहुंचे और पार्थिव शरीर को भावुक होकर श्रद्धांजलि दी। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने मीडिया से कोई बात नहीं की और शोकसंतप्त परिवार को सांत्वना देकर लौट गए। रजनीकांत ने सोशल मीडिया पर देवा को 'सोने का दिल' रखने वाला व्यक्ति बताया।

दोनों की जोड़ी तमिल सिनेमा के स्वर्णिम युग की पहचान है। देवा ने रजनीकांत की ब्लॉकबस्टर फिल्मों अन्नामलई (1992), बाशा (1995) और अरुणाचलम (1997) का संगीत दिया था। खास बात यह है कि अन्नामलई के ऑडियो लॉन्च के मौके पर रजनीकांत ने देवा को सोने की चेन उपहार में दी थी — रिपोर्टों के अनुसार, वही चेन अंतिम संस्कार के दौरान देवा के पार्थिव शरीर पर परिवार ने रखी थी, जिससे दोनों की गहरी दोस्ती एक बार फिर चर्चा में आ गई।

CM विजय और राज्यपाल आर्लेकर ने जताया शोक

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय शनिवार को देवा के टी. नगर स्थित आवास पहुंचे, पुष्पांजलि अर्पित की और परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने घोषणा की कि देवा के अंतिम संस्कार में राजकीय सम्मान दिया जाएगा। विजय ने कहा कि देवा ने गाना संगीत से आम लोगों का दिल जीता और 400 से अधिक फिल्मों में संगीत दिया।

तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने भी गहरा शोक व्यक्त किया। उनके संदेश में कहा गया कि देवा ने अपने मधुर संगीत और अविस्मरणीय गीतों से तमिल फिल्म संगीत में अनूठी जगह बनाई थी और उनका जाना उद्योग के लिए अपूरणीय क्षति है। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, DMK अध्यक्ष एम. के. स्टालिन और अभिनेता कमल हासन सहित कई नेताओं और कलाकारों ने भी शोक जताया। कमल हासन ने कहा कि देवा जोश और हास्य से भरी जीवंत शख्सियत थे।

राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई

रिपोर्टों के अनुसार, रविवार, 18 अक्टूबर को देवा को उनके पैतृक गांव सक्करामल्लुर (आर्कोट, रानीपेट जिला) के फार्महाउस में राजकीय सम्मान के साथ दफनाया गया। पुलिस की सलामी के साथ हजारों प्रशंसक और फिल्म उद्योग के लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। उनके बेटे और संगीतकार श्रीकांत देवा ने अंतिम संस्कार संपन्न कराया।

400 से अधिक फिल्मों का विरासत

देवा ने चेन्नई के गाना संगीत को मुख्यधारा के सिनेमा में पहुंचाया और तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ में 400 से अधिक फिल्मों में संगीत दिया। आसै, काधल कोट्टै, कुशी और वाली जैसी फिल्मों के गाने आज भी याद किए जाते हैं। उन्हें कलैमामणि सम्मान से भी नवाजा गया था। पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि ने उन्हें 'थेनिसै थेंड्रल' की उपाधि दी थी।

स्रोत: द हिंदू | टाइम्स ऑफ इंडिया

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