Himanshu Bhau Arrested by FBI in Las Vegas: India's Most Wanted Gangster in ICE Custody

अमेरिका के लास वेगास से आई एक खबर ने भारत के अपराध जगत से जुड़ी सुर्खियों में हलचल मचा दी है। रिपोर्टों के अनुसार, हरियाणा के भगोड़े गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और उसके सहयोगी नीरज कौशिक को 22 अक्टूबर 2026 को लास वेगास में हिरासत में लिया गया। इस कार्रवाई में अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई और आव्रजन प्रवर्तन एजेंसी आईसीई की भूमिका बताई जा रही है, जबकि सूचना हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की ओर से साझा की गई थी।

रिपोर्टों के अनुसार, दोनों को नेवादा के हेंडरसन डिटेंशन सेंटर में आईसीई के बंदियों के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। हालांकि अभी तक आईसीई या एफबीआई की ओर से इस बारे में कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है। भारतीय एजेंसियां अब अमेरिकी अधिकारियों के साथ मिलकर निर्वासन या प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पर काम कर रही हैं, लेकिन यह प्रक्रिया अमेरिकी कानूनी कार्यवाही पर निर्भर करेगी।

लास वेगास में हिरासत में लिए गए गैंगस्टर हिमांशु भाऊ की खबर से जुड़ा प्रतीकात्मक चित्र

कौन है हिमांशु भाऊ?

हिमांशु भाऊ का असली नाम हिमांशु रितोलिया बताया जाता है, और वह हिमांशु सिगरोहा नाम से भी जाना जाता है। वह हरियाणा के रोहतक जिले के रितोली गांव का रहने वाला है। रिपोर्टों के अनुसार, वह दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, जबरन वसूली, जालसाजी, आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी जैसे मामलों में वांछित है।

भाऊ को जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का प्रतिद्वंद्वी बताया जाता है और उसका संबंध नीरज बावाना गिरोह से जोड़ा जाता है। उसके खिलाफ अगस्त 2023 में इंटरपोल रेड नोटिस जारी किया गया था। उस पर इनाम भी घोषित थे — हरियाणा पुलिस की ओर से 1.55 लाख रुपये, केंद्र सरकार की ओर से 2.5 लाख रुपये और दिल्ली पुलिस की ओर से 1 लाख रुपये।

लास वेगास में कैसे हुई हिरासत?

रिपोर्टों के अनुसार, हरियाणा पुलिस एसटीएफ से मिली सूचना के आधार पर अमेरिकी एजेंसियों ने यह कार्रवाई की। हिमांशु भाऊ के साथ पकड़े गए नीरज कौशिक को नीरज फरीदपुरिया के नाम से भी जाना जाता है। दोनों की हिरासत की खबर सामने आने के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियों में इस मामले को लेकर सक्रियता बढ़ गई है।

यह भी रिपोर्ट किया गया है कि भाऊ 2022 में फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल करके भारत से भाग गया था। रिपोर्टों के अनुसार, वह दुबई और पुर्तगाल के रास्ते आगे बढ़ा और उसके 2024 के अंत या 2025 की शुरुआत में तथाकथित "डंकी रूट" से अमेरिका में प्रवेश करने का संदेह है। हालांकि इन रास्तों से जुड़े ब्योरे अभी जांच और आधिकारिक पुष्टि के दायरे में हैं।

अब आगे क्या होगा?

किसी भगोड़े को दूसरे देश से वापस लाना सीधी प्रक्रिया नहीं होती। इसमें उस देश के आव्रजन और कानूनी नियम, अदालत की कार्यवाही और दोनों देशों के बीच समन्वय शामिल होता है। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि भाऊ कब भारत लाया जाएगा या उसके खिलाफ आगे कौन-सी कानूनी कार्रवाई होगी। फिलहाल इतना ही कहा जा सकता है कि वह अमेरिकी हिरासत में है और भारतीय एजेंसियां उसके वापसी के विकल्पों पर काम कर रही हैं।

इस घटनाक्रम का एक और पहलू यह है कि यह दिखाता है कि राज्य पुलिस की खुफिया सूचना और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के बीच तालमेल से वर्षों से फरार अपराधियों तक भी पहुंचा जा सकता है। अगर प्रत्यर्पण या निर्वासन की प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में उसके खिलाफ लंबित मामलों की सुनवाई को नई गति मिल सकती है।

इस मामले से जुड़ी मूल रिपोर्टें यहां पढ़ी जा सकती हैं: The New Indian Express और The Week। बिश्नोई गिरोह से जुड़े एक अन्य मामले के बारे में यहां पढ़ें: टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में बिश्नोई गिरोह का दावा।

ऐसी ही बड़ी खबरों और उनके पीछे की पूरी कहानी के लिए Global Insight को फॉलो करते रहें।

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