सऊदी उड़ानें ठप: हूती हमलों के बाद एयर इंडिया, इंडिगो, अकासा की उड़ानें रद्द, दूतावास की एडवाइजरी जारी

अगर आपकी या आपके किसी परिजन की सऊदी अरब की यात्रा की योजना है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। हूती विद्रोहियों के हमलों के बाद सऊदी अरब जाने वाली भारतीय उड़ानें ठप पड़ गई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, १० अक्टूबर को रियाद के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर हुए हमले के बाद वहां का एयरपोर्ट अभी भी बंद है, और भारतीय एयरलाइनों ने एक के बाद एक अपनी उड़ानें रद्द करनी शुरू कर दी हैं।

गेट पर खड़ा यात्री विमान और ऊपर सुनहरे अक्षरों में 'सऊदी उड़ानें ठप' लिखा एआई-निर्मित चित्र, जो सऊदी अरब की रद्द उड़ानों की खबर दर्शाता है

रियाद एयरपोर्ट बंद, दम्माम-जेद्दा में बाधा

रिपोर्टों के अनुसार, रियाद का अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा अभी भी बंद है। दम्माम, जेद्दा और मदीना के हवाईअड्डे जरूर संचालित हो रहे हैं, लेकिन वहां भी उड़ानों में बाधाएं आ रही हैं। हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के कई इलाकों को निशाना बनाया है, जिससे हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और स्थिति कब सामान्य होगी, यह कहना मुश्किल है। रियाद एयरपोर्ट के बंद होने का असर केवल सीधी उड़ानों पर नहीं है — वहां से आगे के कनेक्शन वाले यात्री भी प्रभावित हैं, क्योंकि वैकल्पिक उड़ानें फिलहाल सीमित हैं।

किस एयरलाइन ने कब तक उड़ानें रद्द कीं

एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने रियाद, दम्माम और जेद्दा से आने-जाने वाली अपनी सभी उड़ानें २० अक्टूबर तक रद्द कर दी हैं। कंपनी ने प्रभावित यात्रियों को पूरा रिफंड देने की घोषणा की है। इंडिगो ने अपनी सऊदी अरब की उड़ानें २४ अक्टूबर तक स्थगित कर दी हैं। अकासा एयर ने रियाद की उड़ानें २४ अक्टूबर तक और जेद्दा की उड़ानें २१ अक्टूबर तक निलंबित की हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी उड़ान की स्थिति एयरलाइन की वेबसाइट या ग्राहक सेवा से जांचते रहें, क्योंकि हालात के हिसाब से ये तारीखें बदल भी सकती हैं।

भारतीय दूतावास की एडवाइजरी: क्या करें, क्या न करें

रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने ताजा एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि भारतीय नागरिक स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और हवाई हमले की स्थिति में घर के अंदर ही रहें। उमराह यात्रियों को विशेष चेतावनी दी गई है — उन्हें यात्रा में बाधाओं और रुकने की अवधि बढ़ने की संभावना के लिए तैयार रहना चाहिए। जिन्हें तत्काल देश लौटना जरूरी है, वे वीजा की शर्तों के अधीन बहरीन, कुवैत या कतर के रास्ते जा सकते हैं। भारत ने मक्का में तीर्थयात्रियों की मदद के लिए एक अतिरिक्त कंट्रोल रूम भी खोला है और इस तनाव पर अपनी चिंता संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उठाई है।

हमारा विश्लेषण

सऊदी अरब भारत के लिए कोई आम विदेशी गंतव्य नहीं है — वहां बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं और हर साल हजारों लोग उमराह के लिए जाते हैं। ऐसे में उड़ानों का एक हफ्ते से अधिक समय तक ठप रहना यात्रियों के साथ-साथ रोजगार और पारिवारिक जरूरतों से जुड़े लोगों के लिए भी बड़ी परेशानी है। वैकल्पिक रूटों पर भीड़ और किराया बढ़ने की आशंका है, इसलिए टिकट बुक करने से पहले एयरलाइन की ताजा जानकारी जरूर लें। जिन यात्रियों की उड़ानें रद्द हुई हैं, उन्हें रिफंड के अलावा पुनर्निर्धारण का विकल्प भी मिल सकता है — एयरलाइन से बात करते समय दोनों विकल्पों के बारे में पूछें। सरकार का मक्का में कंट्रोल रूम खोलना और सुरक्षा परिषद में चिंता जताना बताता है कि दिल्ली इस संकट को कितनी गंभीरता से ले रही है। राहत की बात यह है कि स्थिति सुधरते ही उड़ानें बहाल हो जाएंगी — तब तक धैर्य और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

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