क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में भारत ने वह कर दिखाया, जो कुछ ओवर पहले लगभग नामुमकिन लग रहा था। एक समय टीम 70 रन पर पाँच विकेट खो चुकी थी, फिर 112 रन पर छह विकेट गिर गए थे, लेकिन आख़िरी ओवरों में तिलक वर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी की नाबाद साझेदारी ने मैच का रुख़ ही पलट दिया। भारत ने न्यूज़ीलैंड के 180 रनों के जवाब में 181 रन बनाकर चार विकेट से जीत दर्ज की और पाँच मैचों की सीरीज़ में 2-0 की बढ़त बना ली।
न्यूज़ीलैंड की पारी: फिलिप्स और जैकब्स की अर्धशतकीय पारियाँकप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी का फ़ैसला किया। न्यूज़ीलैंड ने 20 ओवर में पाँच विकेट पर 180 रन बनाए। ग्लेन फिलिप्स ने 43 गेंदों पर 70 रन की पारी खेली, जबकि बेवॉन जैकब्स ने 46 गेंदों पर 58 रन बनाए। भारत की ओर से अर्शदीप सिंह ने 33 रन देकर दो विकेट लिए। 180 रनों का यह स्कोर ऐसा था, जिसे लेकर मैच आख़िरी ओवर तक खिंच गया।
इस सीरीज़ के पहले मैच में भारत की जीत की कहानी भी ऐसी ही रोमांचक रही थी — पहले टी20 में भारत की रिकॉर्ड जीत के बारे में यहाँ पढ़ें। मैच से पहले की तैयारियों और संभावित प्लेइंग इलेवन पर दूसरे टी20 से पहले का प्रीव्यू भी चर्चा में था।
भारत की लड़खड़ाती शुरुआत और फिर वापसी
181 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। 11वें ओवर तक टीम 70 रन पर पाँच विकेट खो चुकी थी और 15वें ओवर तक स्कोर 112 रन पर छह विकेट हो गया। ऐसे में मैच न्यूज़ीलैंड की ओर झुका हुआ दिख रहा था, क्योंकि भारत के पास अब ज़्यादा बल्लेबाज़ बचे नहीं थे और हर गेंद पर दबाव बढ़ रहा था।
लेकिन यहीं से मैच की सबसे अहम कहानी शुरू हुई। तिलक वर्मा ने एक छोर संभाले रखा और नीतीश कुमार रेड्डी ने दूसरे छोर से उनका बख़ूबी साथ दिया। दोनों ने बिना कोई और विकेट खोए टीम को जीत तक पहुँचाया।
तिलक-नीतीश की नाबाद साझेदारी ने दिलाई जीत
तिलक वर्मा 26 गेंदों पर 51 रन बनाकर नाबाद रहे, जबकि नीतीश कुमार रेड्डी ने 13 गेंदों पर नाबाद 26 रन बनाए। नमन धीर ने भी 17 गेंदों पर 31 रन की तेज़ पारी खेली, जिसने बीच के ओवरों में भारत की उम्मीदें ज़िंदा रखीं। तिलक और नीतीश के बीच सातवें विकेट के लिए 30 गेंदों पर नाबाद 69 रनों की साझेदारी हुई — और यही साझेदारी मैच का फ़ैसला बन गई।
भारत ने 19.5 ओवर में छह विकेट पर 181 रन बनाकर मैच एक गेंद शेष रहते जीत लिया। न्यूज़ीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने 21 रन देकर चार विकेट लिए, लेकिन उनकी यह शानदार गेंदबाज़ी भी टीम को जीत नहीं दिला सकी। तिलक वर्मा को उनकी मैच जिताऊ पारी के लिए प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया।
इस जीत का मतलब क्या है?
यह जीत सिर्फ़ एक मैच की जीत नहीं है। पाँच मैचों की सीरीज़ में 2-0 की बढ़त का मतलब है कि भारत अब सीरीज़ जीतने के काफ़ी क़रीब है, और अगले मैच में ही सीरीज़ अपने नाम कर सकता है। लेकिन इससे भी बड़ी बात यह है कि टीम ने दबाव में हार नहीं मानी। 70 रन पर पाँच विकेट और 112 रन पर छह विकेट के बाद भी युवा बल्लेबाज़ों ने धैर्य और आक्रामकता का संतुलन बनाए रखा।
रिपोर्टों के अनुसार, कोच गौतम गंभीर ने इस जीत के बाद तिलक, धीर और नीतीश की तारीफ़ करते हुए लिखा — “बॉयज़ बिकमिंग मेन”। यह टिप्पणी इस बात की ओर इशारा करती है कि टीम प्रबंधन इन युवा खिलाड़ियों के दबाव में परिपक्व प्रदर्शन से कितना प्रभावित है। अब सवाल यह है कि क्या भारत इसी लय को अगले मैच में भी बरक़रार रख पाएगा, या न्यूज़ीलैंड वापसी करेगा। जवाब अगले मैच में मिलेगा, लेकिन क्राइस्टचर्च की यह जीत लंबे समय तक याद रखी जाएगी।
मैच की पूरी जानकारी के लिए मूल स्रोत देखें: ESPNcricinfo मैच रिपोर्ट और CricTracker हाइलाइट्स।
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