Sonia Gandhi Joins Instagram at 79: First Post Reveals Memoir 'Belonging'

79 वर्ष की उम्र में भारत की एक वरिष्ठतम विपक्षी नेता ने पहली बार सोशल मीडिया की दुनिया में कदम रखा। 22 अक्टूबर 2026 (बृहस्पतिवार) को सोनिया गांधी ने इंस्टाग्राम पर अपना खाता खोला और पहली ही पोस्ट में अपने बहुप्रतीक्षित संस्मरण 'Belonging: A Journey of Love' की पहली झलक साझा की। रिपोर्टों के अनुसार, उनका यह कदम ऐसे समय में आया है जब संस्मरण के रिलीज की तारीख नजदीक आ चुकी है — किताब 10 नवंबर 2026 को बाजार में आएगी।

दिलचस्प बात यह है कि रिपोर्टों के अनुसार सोनिया गांधी अब तक एक्स (पूर्व ट्विटर) और फेसबुक जैसे मंचों से दूर रहीं — और इंस्टाग्राम को उनका पहला सोशल मीडिया मंच माना जा रहा है। इंडियन एक्सप्रेस और फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने अब तक केवल तीन खातों को फॉलो किया है — बेटे राहुल गांधी, बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक खाते को।

स्मार्टफोन पर सोशल मीडिया प्रोफाइल और खुली किताब का चित्रण — सोनिया गांधी के इंस्टाग्राम डेब्यू और संस्मरण 'Belonging' पर लेख की मुख्य तस्वीर


पहली पोस्ट में क्या दिखा

दिलचस्प बात यह है कि रिपोर्टों के अनुसार सोनिया गांधी अब तक एक्स (पूर्व ट्विटर) और फेसबुक जैसे मंचों से दूर रहीं — और इंस्टाग्राम को उनका पहला सोशल मीडिया मंच माना जा रहा है। इंडियन एक्सप्रेस और फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने अब तक केवल तीन खातों को फॉलो किया है — बेटे राहुल गांधी, बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक खाते को।

पहली पोस्ट एक वीडियो है, जिसमें सोनिया गांधी किताब की पहली प्रतियां प्राप्त करती नजर आती हैं। वीडियो में वह एक पुस्तकालय जैसे कमरे में किताब पकड़े पन्ने पलटती हैं और तस्वीरों को देखती हैं। इस मौके पर उनकी बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा भी उनके साथ हैं, दोनों मिठाई बांटती और गले मिलती नजर आती हैं। रिपोर्टों के अनुसार, वीडियो में सोनिया गांधी यह भी बताती हैं कि किताब में ढेर सारी तस्वीरें हैं।

पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने खुद लिखा है: "It is a story of love, duty, loss and finding a place to belong. I look forward to sharing it with you." (यह प्रेम, कर्तव्य, क्षति और अपनत्व की तलाश की कहानी है।) कांग्रेस के संचार प्रमुख जयराम रमेश ने भी वीडियो साझा करते हुए लिखा कि सोनिया गांधी का बहुप्रतीक्षित संस्मरण 10 नवंबर को जारी होगा।

544 पृष्ठों में कौन-सी कहानी दर्ज है

रिपोर्टों के अनुसार, 'Belonging: A Journey of Love' 544 पृष्ठों का संस्मरण है, जो युद्ध के बाद के इटली में सोनिया गांधी के बचपन से शुरू होता है। किताब में 1965 में कैंब्रिज में 19 वर्षीय सोनिया माइनो और राजीव गांधी की मुलाकात, 1968 में विवाह और भारत आकर नेहरू-गांधी परिवार का हिस्सा बनने की यात्रा दर्ज है। सास इंदिरा गांधी के साथ संबंध और भारत में बसने की कोशिशों का जिक्र भी इसमें है।

रिपोर्टों के अनुसार, किताब में परिवार की बड़ी त्रासदियों को भी याद किया गया है: 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या और 1991 में राजीव गांधी की हत्या। सोनिया गांधी कांग्रेस की सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहीं नेता हैं और फिलहाल कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष हैं।

जिन तीन खातों को उन्होंने फॉलो किया है, उनमें बेटे राहुल गांधी का खाता भी है — हाल में राहुल गांधी की राजनीतिक गतिविधियों और बयानों पर खासी चर्चा रही है, और उनके सोशल मीडिया पर करोड़ों फॉलोअर हैं।

प्रकाशक बदलने की पूरी कहानी

इस किताब के भारतीय प्रकाशन को लेकर कुछ समय पहले बड़ा विवाद हुआ था। अगस्त में पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया (PRHI) ने कहा कि वह इस किताब का भारतीय प्रकाशक नहीं होगा। PTI की रिपोर्ट के अनुसार, लेखिका के प्रतिनिधियों और PRHI के बीच पांडुलिपि में संपादकीय बदलावों को लेकर "गतिरोध" (impasse) हो गया था।

इसके बाद विवाद बढ़ा — कुछ कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि किताब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस और चीन से जुड़े हिस्से हटाने का दबाव था, जबकि PRHI ने किसी भी बाहरी दबाव से इनकार करते हुए कहा कि फैसला "किसी खास मुद्दे पर गतिरोध" के कारण हुआ और समझौते की गोपनीय शर्तों के चलते वह ज्यादा कुछ नहीं बता सकता। अंततः हार्परकोलिंस इंडिया ने किताब का भारतीय प्रकाशन अपने हाथ में लिया और 10 नवंबर 2026 की रिलीज तारीख घोषित की। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किताब को अल्फ्रेड ए. नोप्फ (Alfred A. Knopf) प्रकाशित करेगा।

हार्परकोलिंस इंडिया के अनुसार, Belonging "हमारे समय के सबसे प्रतीक्षित राजनीतिक संस्मरणों में से एक" है — प्रेम, पहचान, कर्तव्य और अपनत्व की एक गहरी व्यक्तिगत कहानी, जो भारत की यात्रा को भीतर से देखने का दुर्लभ मौका देती है। इस विवाद और प्रकाशक-परिवर्तन की विस्तृत रिपोर्ट इंडियन एक्सप्रेस में और पहली पोस्ट का विवरण द प्रिंट में पढ़ा जा सकता है।

विश्लेषण: डिजिटल दूरी के बाद इंस्टाग्राम क्यों

यह एक विश्लेषण है, तथ्य नहीं: सोनिया गांधी बरसों तक निजी जिंदगी और सोशल मीडिया दोनों से दूरी बनाए रखने वाली नेता रही हैं, जबकि उनके दोनों बच्चे सक्रिय डिजिटल उपस्थिति रखते हैं। ऐसे में 79 वर्ष की आयु में, ठीक संस्मरण के रिलीज से कुछ हफ्ते पहले इंस्टाग्राम पर आना, किताब को सीधे पाठकों — खासकर युवा पाठकों — तक पहुंचाने की सोची-समझी रणनीति लगती है। संस्मरण के 10 नवंबर के रिलीज तक उनके खाते की गतिविधि यह बताएगी कि यह महज किताब-प्रचार का अभियान है या डिजिटल राजनीति में उनकी स्थायी उपस्थिति की शुरुआत।

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