चेन्नई: तमिलनाडु में मौसम ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया है। 19 अक्टूबर से शुरू हुए बारिश के तेज दौर ने राज्य के कई जिलों को प्रभावित किया है और भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने चेन्नई समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बारिश की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एनोर पोर्ट में चौबीस घंटे के भीतर 222.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई — जो इस दौर में दर्ज सबसे ज्यादा बारिश है।
सबसे ज्यादा असर चेन्नई के मध्य इलाकों पर पड़ा है। ब्रॉडवे, मन्नाडी और पैरीज़ कॉर्नर जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में करीब 30 सेंटीमीटर तक पानी भर गया। रिपोर्टों के अनुसार, सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात की रफ्तार धीमी रही और कई जगहों पर लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। जलजमाव के दृश्य सोशल मीडिया पर भी तेजी से फैले, जिनमें दिख रहा है कि अचानक आई भारी बारिश ने शहर की दिनचर्या को बाधित कर दिया।
किन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी है
नेशनप्रेस और तेलंगाना टुडे की रिपोर्टों के अनुसार, 19 अक्टूबर को आईएमडी ने चेन्नई, तिरुचिरापल्ली, कोयंबटूर और नीलगिरि — इन चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई। इसके बाद बारिश का दायरा और बढ़ा और 20 अक्टूबर को तिरुनेलवेली तथा मदुरै के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया गया। यानी दो दिनों के भीतर छह जिलों को अलर्ट के दायरे में लाया गया, जो इस मौसम प्रणाली के विस्तार को दर्शाता है।
बारिश की वजह और आगे का अनुमान
न्यूज़मिल और एशियानेट की रिपोर्टों के मुताबिक, इस भारी बारिश की वजह उत्तरी तमिलनाडु और दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण है। यह प्रणाली लगातार नमी ला रही है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश हो रही है।
एशियानेट की रिपोर्ट के अनुसार, विभाग ने 19 से 21 अक्टूबर तक बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक की चेतावनी दी है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे रहने का अनुमान है, जो कुछ जगहों पर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। साथ ही यह भी बताया गया है कि व्यापक बारिश का दौर 24 अक्टूबर तक जारी रह सकता है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
सरकार की तैयारियां और निगरानी
एशियानेट की रिपोर्ट के मुताबिक, तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री ने मानसून से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की है। वहीं मंत्री केजी अरुणराज ने कहा कि मुख्यमंत्री स्टालिन स्थिति की "हर घंटे" निगरानी कर रहे हैं — यह बयान मंत्री केजी अरुणराज का है, रिपोर्ट में इसे उनकी ओर से कहा गया बताया गया है। प्रशासन को जलजमाव वाले इलाकों से पानी निकासी और राहत कार्यों के लिए सतर्क रखा गया है।
विश्लेषण: तीव्र बारिश और शहर की चुनौती
इन आंकड़ों से एक बात साफ है — यह बारिश सामान्य नहीं, बल्कि बेहद तीव्र और स्थानीय स्तर पर केंद्रित है। एनोर पोर्ट में चौबीस घंटे में 222.5 मिलीमीटर बारिश का मतलब है कि बहुत कम समय में बहुत ज्यादा पानी गिरा। चेन्नई जैसे घनी आबादी वाले शहर में जब इतनी बारिश होती है, तो नालियां पानी की निकासी से पहले ही ओवरफ्लो हो जाती हैं और ब्रॉडवे-मन्नाडी जैसे निचले इलाकों में पानी जमा हो जाता है।
दूसरी ओर, चेतावनी प्रणाली का क्रमिक विस्तार — पहले चार जिलों और फिर दो और जिलों में ऑरेंज अलर्ट — दिखाता है कि मौसम विभाग स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। 24 अक्टूबर तक बारिश के जारी रहने के अनुमान को देखते हुए आने वाले दिन प्रशासन और नागरिकों दोनों के लिए सतर्कता के हैं। बारिश के समय बिजली गिरने, पेड़ गिरने और तेज हवाओं के खतरे को देखते हुए सावधानी बरतना जरूरी है।
तमिलनाडु के अलावा देश के अन्य हिस्सों से भी हाल में बड़ी खबरें आई हैं — कोलकाता भगदड़: चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में 19 की मौत और कोटा हादसा: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर खाई में गिरी बस, 8 श्रद्धालुओं की मौत।
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