एशियन पैरा गेम्स 2026: जापान में 168 भारतीय खिलाड़ी, 11 खेलों में पदक की उम्मीद

जापान के आइची-नागोया में 5वें एशियन पैरा गेम्स 18 अक्टूबर से शुरू हो चुके हैं और 24 अक्टूबर तक चलेंगे। भारत इस बार 168 पैरा एथलीटों का दल लेकर उतरा है — 112 पुरुष और 56 महिला खिलाड़ी 11 खेलों में पदक के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। अधिकारियों और सहयोगी स्टाफ को मिलाकर भारतीय दल कुल 281 सदस्यों का है।

एशियन पैरा गेम्स में भारतीय पैरा एथलीट — व्हीलचेयर धावक, ब्लेड धावक और तैराक का चित्र

कितना बड़ा है भारतीय दल?

रिपोर्टों के अनुसार, युवा मामले एवं खेल मंत्रालय ने 168 एथलीटों को मंजूरी दी है, जिनमें 98 टीम अधिकारी और सहयोगी स्टाफ तथा 15 दल प्रशासक शामिल हैं। खेलों का बंटवारा इस प्रकार है: पैरा एथलेटिक्स में सबसे ज्यादा 62, पैरा बैडमिंटन में 28, पैरा तैराकी में 16, पैरा शूटिंग में 13, पैरा तीरंदाजी में 11, ब्लाइंड फुटबॉल और पैरा टेबल टेनिस में 10-10, पैरा पावरलिफ्टिंग में 8, पैरा जूडो में 7, बोच्चिया में 2 और पैरा साइकिलिंग में 1 एथलीट। उद्घाटन समारोह में पैरालंपिक चैंपियन प्रमोद भगत और भाविना पटेल ने भारतीय ध्वज थामा।

दल छोटा क्यों है?

पिछले हांगझोउ संस्करण (2023) में भारत ने 303 एथलीट भेजे थे, जबकि इस बार संख्या 168 है। रिपोर्टों के अनुसार, इसकी वजह आयोजन समिति की सख्त कोटा पाबंदियां और ब्लाइंड चेस, पैरा-रोइंग व पैरा-कैनोइंग जैसे खेलों का बाहर होना है। अकेले पैरा एथलेटिक्स में संख्या 123 से घटकर 62 रह गई है। हालांकि, देर से मिली मंजूरी के बाद पैरा बैडमिंटन, पैरा टेबल टेनिस और बोच्चिया (सचिन चमारिया व अंजलि देवी) को दल में शामिल किया गया। पैरा साइकिलिंग में सिर्फ एक एथलीट — अरशद शेख — को मंजूरी मिली, जबकि चयन समिति ने छह साइकिलिस्टों की सिफारिश की थी; रिपोर्टों के अनुसार, खेल प्राधिकरण ने प्रदर्शन मानकों के आधार पर इस फैसले का बचाव किया है।

कुछ खास चेहरे

रिपोर्टों के अनुसार, पैरा तैराक मोहम्मद शम्स आलम शेख, पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी सविता अज्जनकट्टी और दृष्टिबाधित धावक सुजित एमएस भी भारतीय दल का हिस्सा हैं। सुजित ने हाल ही में 100 मीटर स्प्रिंट में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। ये कहानियां दिखाती हैं कि सीमित संसाधनों के बावजूद भारतीय पैरा एथलीट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार चमक रहे हैं।

किन खेलों पर रहेगी नज़र?

रिपोर्टों के अनुसार, भारत के पदक दावेदारों में पैरा एथलेटिक्स, बैडमिंटन, शूटिंग और तीरंदाजी के खिलाड़ी सबसे आगे माने जा रहे हैं। ब्लाइंड फुटबॉल की टीम भी पहली बार बड़े मंच पर अपनी छाप छोड़ना चाहेगी। कोटा पाबंदियों के चलते दल छोटा जरूर हुआ है, लेकिन चयन प्रदर्शन-आधारित मानकों पर हुआ है — यानी हर खिलाड़ी पदक की दौड़ में है। खेल 24 अक्टूबर तक चलेंगे।

पदक की उम्मीदें

पिछले संस्करण में भारत ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था, और इस बार छोटे लेकिन चुस्त दल से उम्मीदें कम नहीं हैं। पैरा एथलेटिक्स, बैडमिंटन और शूटिंग में भारत के पदक दावेदार मजबूत माने जा रहे हैं। खेल 24 अक्टूबर तक चलेंगे — भारतीय प्रशंसकों की नज़र रोज़ के पदक तालिका पर रहेगी। इन खेलों का प्रदर्शन 2028 के पैरालंपिक की तैयारियों की दिशा भी तय करेगा।

स्रोत: द ट्रिब्यून (ANI) | रेडिफ (PTI)

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