पोलैंड के PM डोनाल्ड टस्क 21 अक्टूबर से भारत दौरे पर, मोदी से द्विपक्षीय वार्ता

पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क 21 से 23 अक्टूबर तक भारत के आधिकारिक दौरे पर आ रहे हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) ने सोमवार को घोषणा की कि टस्क प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर आ रहे हैं और 22 अक्टूबर को दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। इस दौरे को भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी और भारत-EU संबंधों को नई गति देने वाला माना जा रहा है।

भारत और पोलैंड के झंडे, इंडिया गेट और हाथ मिलाने का प्रतीक — कूटनीतिक चित्र

दौरे का कार्यक्रम: दिल्ली से बेंगलुरु तक

रिपोर्टों के अनुसार, टस्क के साथ पोलैंड के वित्त एवं अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमांस्की और एक बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी आ रहा है। 22 अक्टूबर को नई दिल्ली में मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत होगी, जिसमें दोनों नेता संबंधों के पूरे दायरे की समीक्षा करेंगे और आपसी हित के क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर विचार साझा करेंगे। इसके बाद टस्क बेंगलुरु जाएंगे, जहां वे IT और अंतरिक्ष क्षेत्र के कारोबारी हितधारकों से मिलेंगे।

बिज़नेस फोरम और सहयोग के क्षेत्र

22 अक्टूबर को नई दिल्ली और 23 अक्टूबर को बेंगलुरु में भारत-पोलैंड बिज़नेस फोरम आयोजित होगा। MEA के अनुसार, इस दौरे से व्यापार-निवेश, रक्षा, उभरती प्रौद्योगिकियां, नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग आगे बढ़ेगा। पोलैंड के राजदूत पियोट्र स्विताल्स्की ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि पोलिश कंपनियां भारत में सिर्फ उत्पाद बेचना नहीं, बल्कि निवेश करना और भारतीय कंपनियों के साथ संयुक्त उद्यम बनाना चाहती हैं। उन्होंने यह भी बताया था कि जुलाई में वारसॉ में संयुक्त सैन्य सहयोग समिति की बैठक हुई थी, जिसमें रक्षा सहयोग के क्षेत्रों पर चर्चा हुई।

रणनीतिक साझेदारी की पृष्ठभूमि

भारत और पोलैंड के संबंध अगस्त 2024 में रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर पहुंचे थे, जब प्रधानमंत्री मोदी पोलैंड गए थे। टस्क का यह प्रधानमंत्री के तौर पर भारत का दूसरा दौरा होगा — इससे पहले वे 2010 में अपने पहले कार्यकाल के दौरान आए थे। 2017 में वे यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष के तौर पर भारत-EU शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली आए थे। सितंबर में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वारसॉ में पोलैंड के विदेश मंत्री से मुलाकात कर 2024-28 की संयुक्त कार्ययोजना की प्रगति की समीक्षा भी की थी। MEA का कहना है कि यह दौरा भारत-EU रणनीतिक साझेदारी को भी गहरा करेगा।

भारत-EU साझेदारी का बड़ा संदर्भ

MEA के अनुसार, यह दौरा भारत और यूरोपीय संघ के बीच रणनीतिक साझेदारी को भी गहरा करेगा। यूरोप के साथ भारत के व्यापार और रक्षा संबंध लगातार विस्तार पा रहे हैं, और पोलैंड इस समीकरण में एक सक्रिय भागीदार के तौर पर उभर रहा है। टस्क का यह दौरा उसी बड़ी तस्वीर का हिस्सा है, जिसमें भारत यूरोपीय देशों के साथ द्विपक्षीय और EU-स्तर — दोनों मोर्चों पर संबंध मजबूत कर रहा है।

क्यों अहम है यह दौरा?

यूरोप के साथ भारत के बढ़ते आर्थिक और रक्षा संबंधों के बीच पोलैंड एक अहम भागीदार के रूप में उभर रहा है। पोलैंड के राजदूत के अनुसार, भारतीय नागरिक पोलैंड में निवास परमिट पाने वाला सबसे बड़ा विदेशी समुदाय है — यह दोनों देशों के बीच लोगों के संपर्क की मजबूती दिखाता है। बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल और बेंगलुरु में टेक-स्पेस फोकस इस बात का संकेत है कि यह दौरा केवल औपचारिक नहीं, बल्कि ठोस आर्थिक नतीजों वाला हो सकता है। 22 अक्टूबर की वार्ता पर सबकी नज़र रहेगी।

स्रोत: इकोनॉमिक टाइम्स | टाइम्स ऑफ इंडिया

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