बीसीसीआई चयन समिति में बड़ा बदलाव: प्रज्ञान ओझा बने नए चीफ सेलेक्टर, रमेश पवार पैनल में शामिल

भारतीय क्रिकेट में चयन समिति का चेहरा बदल गया है। 19 अक्टूबर को बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने घोषणा की कि पूर्व भारतीय स्पिनर प्रज्ञान ओझा पुरुष चयन समिति के नए अध्यक्ष होंगे। वह अजीत अगरकर की जगह लेंगे। इसके साथ ही पूर्व ऑफ स्पिनर रमेश पवार को पश्चिम क्षेत्र के सदस्य के रूप में पैनल में शामिल किया गया है। द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों नियुक्तियों के साथ चयन समिति का नया स्वरूप तय हो गया है।

बीसीसीआई चयन समिति के नए चीफ सेलेक्टर प्रज्ञान ओझा का एआई-चित्रण

प्रज्ञान ओझा बने चीफ सेलेक्टर

भारत के लिए 24 टेस्ट, 18 वनडे और 6 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके प्रज्ञान ओझा अब चयन समिति की कमान संभालेंगे। बीसीसीआई के बयान के मुताबिक, "वरिष्ठता के आधार पर (सबसे ज्यादा टेस्ट मैचों के चलते) प्रज्ञान ओझा समिति की अध्यक्षता करेंगे।" वह अजीत अगरकर का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल 4 अक्टूबर को पूरा हुआ था। रिपोर्टों के अनुसार, अगरकर ने जुलाई 2023 में यह पद संभाला था और उन्होंने कार्यकाल विस्तार नहीं मांगा। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में भी इस बदलाव की पुष्टि की गई है।

रमेश पवार की एंट्री, वसीम जाफर रह गए पीछे

पश्चिम क्षेत्र के सदस्य के लिए रमेश पवार का चयन क्रिकेट सलाहकार समिति (अशोक मल्होत्रा और जतिन परांजपे) की सर्वसम्मत सिफारिश पर हुआ। भारत के लिए 2 टेस्ट और 31 वनडे खेल चुके पवार इस दौड़ में वसीम जाफर, सलिल अंकोला, जैकब मार्टिन और कॉनर विलियम्स जैसे दावेदारों से आगे निकले। पवार भारतीय महिला टीम के मुख्य कोच भी रह चुके हैं — उनके कार्यकाल में टीम ने एशिया कप का खिताब जीता और राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक हासिल किया। वह मुंबई और गुजरात के कोच के साथ-साथ बीसीसीआई के उत्कृष्टता केंद्र में गेंदबाजी कोच भी रहे हैं।

नई चयन समिति की पूरी तस्वीर

नई पांच सदस्यीय समिति में अध्यक्ष प्रज्ञान ओझा के साथ शिव सुंदर दास, आरपी सिंह, अजय रात्रा और रमेश पवार शामिल हैं। यह पैनल आने वाले महीनों में टीम इंडिया के चयन से जुड़े अहम फैसले लेगा। खेल जगत में इस बीच न्यूजीलैंड दौरे के लिए टीम इंडिया का ऐलान भी हो चुका है, जिस पर नई समिति की नजर रहेगी। वहीं एशियन पैरा गेम्स 2026 में 168 भारतीय खिलाड़ीयों के दल की घोषणा भी खेल प्रेमियों के लिए बड़ी खबर रही।

विश्लेषण: अनुभव और कोचिंग दृष्टिकोण का मेल

ओझा की नियुक्ति में "सबसे ज्यादा टेस्ट" का वरिष्ठता नियम बीसीसीआई की परंपरा के अनुरूप है। पवार का चयन खास है — महिला टीम को खिताब दिलाने वाले कोच के रूप में उनका रिकॉर्ड चयन समिति में कोचिंग का दृष्टिकोण लाएगा। वसीम जाफर जैसे अनुभवी नाम का छूटना कई प्रशंसकों को चौंका सकता है, लेकिन सलाहकार समिति की सर्वसम्मत सिफारिश इस फैसले को मजबूती देती है। असली परीक्षा आगामी दौरों की टीम चयन में होगी, जहां संतुलन और साहस दोनों की जरूरत होगी। नई समिति के सामने सबसे बड़ी चुनौती अनुभवी खिलाड़ियों और उभरती प्रतिभाओं के बीच सही संतुलन बनाना होगा, क्योंकि भारतीय क्रिकेट इस समय पीढ़ीगत बदलाव के दौर से गुजर रहा है। पवार का घरेलू क्रिकेट और उत्कृष्टता केंद्र का अनुभव यहां काम आ सकता है, क्योंकि घरेलू प्रदर्शन पर नजर रखना चयन समिति के काम का अहम हिस्सा है।

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