बेंगलुरु के पुलिकेशिनगर थाना क्षेत्र की जार्मिया रोड पर स्थित एक निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत की चौथी मंजिल पर मंगलवार (20 अक्टूबर) को हुए जोरदार विस्फोट में दो लोग घायल हो गए। एक घायल की उंगली कट गई, जबकि दोनों के सिर और चेहरे पर चोटें आईं। पुलिस ने घटनास्थल से नमूने फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे हैं और आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) के एंगल समेत कई पहलुओं की जांच कर रही है — हालांकि अभी तक यह पुष्टि नहीं हुई है कि विस्फोट का कारण क्या था
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चौथी मंजिल पर कैसे हुआ धमाका
विस्फोट बहुमंजिला इमारत की चौथी मंजिल पर हुआ। इमारत आंशिक रूप से आबाद थी और ऊपर की मंजिलों पर निर्माण कार्य चल रहा था। एबीपी लाइव की रिपोर्ट के अनुसार दो मजदूरों — अल्लाउद्दीन और सूरज — ने सड़क पर पड़ा एक बैग उठाया और उसे चौथी मंजिल पर खोलने पर विस्फोट हो गया।
विस्फोट के समय को लेकर रिपोर्टों में अंतर है: एबीपी के अनुसार मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे विस्फोट हुआ, जबकि इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक बुधवार की तड़के करीब 2:30 बजे धमाके की सूचना मिली। कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि घटना "कल रात" हुई थी। दोनों ही रिपोर्टें इस बात पर सहमत हैं कि चौथी मंजिल पर जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद आग भी लगी और दमकल कर्मियों ने उसे बुझाया। (एबीपी लाइव)
घायलों की हालत — बोरिंग अस्पताल में इलाज
विस्फोट में घायल दोनों लोगों को बोरिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूरज की एक उंगली कट गई और दोनों के सिर व चेहरे पर चोटें आईं। घायलों की पहचान को लेकर रिपोर्टों में अंतर है: एबीपी ने दोनों घायलों को निर्माण मजदूर बताया है, जबकि इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार घायलों में एक नेपाली सुरक्षाकर्मी और एक निर्माण मजदूर शामिल हैं। (इकोनॉमिक टाइम्स)
जांच में कौन-कौन सी एजेंसियां, क्या-क्या पहलू
घटनास्थल की जांच आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस), बम निरोधक दस्ते और फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने की है। जांचकर्ताओं ने घटनास्थल से कई वस्तुएं जब्त कीं और नमूने फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) भेजे गए हैं। बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस को घटना की जानकारी अस्पताल के जरिए मिली और सटीक कारण पता लगाने के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर जांच शुरू की है।
शुरुआती जांच में बैटरी जैसे ऑब्जेक्ट में विस्फोट की आशंका जताई गई थी, लेकिन पुलिस अब आईईडी, रासायनिक प्रतिक्रिया या किसी अन्य कारण — हर पहलू की जांच कर रही है। इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार जांचकर्ता यह भी देख रहे हैं कि क्या इस घटना का बेंगलुरु में पहले हुए विस्फोटों से कोई संबंध है।
गृह मंत्री की अपील — अटकलों से दूर रहें
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने कहा — "चाहे वह रासायनिक प्रतिक्रिया थी, चाहे आईईडी शामिल था… फॉरेंसिक रिपोर्ट आने दीजिए।" खड़गे ने यह भी साफ किया कि "विस्फोट हुआ है, अभी मैं इतना ही बता सकता हूं" और जांच पूरी होने से पहले किसी नतीजे पर पहुंचना सही नहीं होगा।
यह घटना दशहरे के त्योहारी मौसम के दौरान हुई है, इसलिए सुरक्षा एजेंसियां अतिरिक्त सतर्क हैं। यह याद रखना जरूरी है कि आईईडी की पुष्टि नहीं हुई है — यह सिर्फ जांच का एक पहलू है। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही विस्फोट का असली कारण सामने आएगा।
कर्नाटक से जुड़ी एक और बड़ी खबर में, गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने आरएसएस के रूट मार्च पर बिना औपचारिक अनुमति के रोक की बात कही थी। साथ ही, कर्नाटक हाईकोर्ट के एफआईआर रद्द करने के फैसले पर भी पढ़ें।
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