दिल्ली ने 30 अक्टूबर 2026 की सुबह एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज किया, जिसकी अक्टूबर में आमतौर पर उम्मीद नहीं की जाती। रात भर हुई बारिश के बाद राजधानी में 24 घंटे में 61.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई — जो चार साल में अक्टूबर के किसी एक दिन की सबसे अधिक बारिश है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने सुबह के लिए रेड अलर्ट जारी किया और और बारिश, गरज-चमक व बिजली गिरने की चेतावनी दी। अक्टूबर जैसे आमतौर पर सूखे महीने में इतनी बारिश ने न सिर्फ तापमान गिरा दिया, बल्कि शहर की रफ्तार भी धीमी कर दी।
आँकड़े क्या कहते हैं: 61.4 मिमी और 123.3 मिमी का मतलब
रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली में 30 अक्टूबर सुबह 8:30 बजे तक के 24 घंटों में 61.4 मिलीमीटर बारिश हुई। इसी के साथ अक्टूबर महीने की कुल बारिश 123.3 मिलीमीटर तक पहुँच गई, जो 2022 के बाद इस महीने का सबसे अधिक आँकड़ा है। इससे पहले अक्टूबर के किसी एक दिन सबसे अधिक बारिश 9 अक्टूबर 2022 को दर्ज हुई थी, जब 74 मिलीमीटर बारिश हुई थी — और पूरे अक्टूबर 2022 में कुल 128 मिलीमीटर बारिश हुई थी। यानी मौजूदा महीने का आँकड़ा उस पूरे महीने के करीब पहुँच गया है, और आगे और बारिश होने पर उसे पार भी कर सकता है।
स्टेशनवार आँकड़े भी कहानी को साफ करते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, 29 अक्टूबर सुबह 8:30 बजे से 30 अक्टूबर सुबह 6 बजे के बीच झरोदा कलां में सबसे अधिक 89 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि लोदी रोड पर 63 मिलीमीटर और सफदरजंग में 56.5 मिलीमीटर दर्ज की गई।
बारिश क्यों हुई: पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवात अर्नब का असर
इस बारिश के पीछे दो मौसम प्रणालियों का असर रहा — उत्तर-पश्चिम भारत पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवात अर्नब के अवशेष। अर्नब ने 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश तट पर दस्तक दी थी, और उसके बाद कमजोर होकर उत्तर की ओर बढ़ते हुए दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित किया। यही वजह है कि अक्टूबर के आखिर में भी दिल्ली में मानसून जैसी तेज बारिश देखने को मिली।
इस बारिश का एक सकारात्मक असर हवा पर भी पड़ा। रिपोर्टों के अनुसार, गुरुवार को खराब श्रेणी में रही दिल्ली की हवा शुक्रवार सुबह सुधरकर संतोषजनक श्रेणी में आ गई। गुरुवार का अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री रहा, जो सामान्य से 5.6 डिग्री कम था।
रेड अलर्ट का मतलब क्या है और क्या करना चाहिए
आईएमडी की चेतावनी प्रणाली में रेड अलर्ट सबसे ऊँचा स्तर है, जिसका मतलब है — कार्रवाई करें (टेक एक्शन)। यानी बेहद खराब मौसम का खतरा है, जिसमें जान-माल को नुकसान का जोखिम रहता है। दिल्ली के मामले में आईएमडी ने अगले कुछ घंटों के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए अधिकांश जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई, और कुछ जगहों पर भारी बारिश की भी चेतावनी दी। यह अलर्ट दक्षिण-पूर्व, पूर्व, शाहदरा, मध्य, उत्तर-पूर्व, दक्षिण, नई दिल्ली, दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम, उत्तर-पश्चिम और उत्तर दिल्ली सहित पूरे शहर पर लागू था।
ऐसी स्थिति में आईएमडी के मार्गदर्शन के अनुसार, गरज-चमक के दौरान सुरक्षित पक्की इमारत के अंदर रहें, पेड़ों के नीचे या खुले मैदान में खड़े होने से बचें, और गैर-जरूरी यात्रा टाल दें। बिजली गिरने के दौरान खुले स्थान, पानी और कमजोर बिजली ढाँचे से दूर रहना चाहिए, और सिर्फ आधिकारिक मौसम बुलेटिन व स्थानीय प्रशासन के निर्देशों पर भरोसा करना चाहिए, अफवाहों पर नहीं। अगर यात्रा जरूरी हो, तो निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर देख लें।
शहर पर असर और आगे का अनुमान
बारिश से शहर के कई हिस्सों में जलभराव हुआ और यातायात प्रभावित हुआ — हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन और जामिया मिल्लिया इस्लामिया के आसपास की सड़कों पर पानी भरने की खबरें आईं, और यात्रियों को देरी की आशंका के प्रति आगाह किया गया। आईएमडी ने निचले इलाकों में पानी भरने, पेड़ गिरने और यातायात में बाधा की आशंका भी जताई थी। उड़ानों का कोई पुष्ट आँकड़ा इस लेख में नहीं दिया गया है।
आगे के अनुमान की बात करें तो आईएमडी ने शुक्रवार के बाद धीरे-धीरे मौसम सुधरने का संकेत दिया है — 31 अक्टूबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहने और 1 नवंबर से मुख्यतः साफ आसमान की संभावना जताई गई है। लेकिन जब तक अलर्ट प्रभावी है, सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
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स्रोत: द हिंदू — दिल्ली में चार साल की सबसे भारी अक्टूबर बारिश और नेशनल हेराल्ड — दिल्ली में 61.4 मिमी बारिश, रेड अलर्ट।
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