प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 अक्टूबर 2026 को गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर बनासकांठा पहुँचे, जहाँ सड़कों के दोनों ओर खड़ी भीड़ ने उनका स्वागत किया। सुबह रोड शो के साथ शुरू हुए इस दौरे में किसानों, पशुपालन, बुनियादी ढाँचे और सांस्कृतिक उत्सव — चारों मोर्चों पर बड़ी घोषणाएँ हुईं। रिपोर्टों के अनुसार, बनासकांठा में 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया, और शाम को प्रधानमंत्री एकता नगर में भारत पर्व 2026 के उद्घाटन के लिए पहुँचे।
बनासकांठा में रोड शो और 14,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएँ
रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने बनासकांठा में रोड शो किया। इसके बाद उन्होंने 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें अहमदाबाद मेट्रो के दूसरे चरण का हवाई अड्डे और गिफ्ट सिटी की ओर विस्तार, अहमदाबाद-मेहसाणा सड़क को चार से आठ लेन का बनाना, बनास डेयरी के थराद और राधानपुर में दो बायो-सीएनजी संयंत्र, और कृषि अवसंरचना कोष के तहत 521 पूरी हो चुकी परियोजनाएँ शामिल हैं, जिनकी कुल लागत करीब 4,950 करोड़ रुपये बताई गई है।
रेल यात्रियों के लिए भी इस दौरे में दो नई सेवाओं का प्रावधान रखा गया — अहमदाबाद (साबरमती)-वाराणसी एक्सप्रेस और मेहसाणा-बेचराजी-साबरमती मेमू। ये सेवाएँ स्थानीय आवागमन आसान बनाएँगी।
भिलड़ी में भारत बोवाइन ब्रीडिंग केंद्र: देसी नस्लों पर बड़ा दाँव
दौरे का सबसे अहम पड़ाव भिलड़ी स्थित भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (बीबीबीआरसी) रहा, जिसे प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को समर्पित किया। रिपोर्टों के अनुसार, यह केंद्र 127 एकड़ में फैला है और करीब 325 करोड़ रुपये की लागत से बना है। इसे बनास डेयरी ने राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के तकनीकी मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के राष्ट्रीय गोकुल मिशन के सहयोग से स्थापित किया है।
केंद्र में भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक और इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (ईटी-आईवीएफ) प्रयोगशाला है, जहाँ प्रधानमंत्री ने पशु फार्म का दौरा भी किया। इसका मकसद कांकरेज, गिर, साहिवाल और थारपारकर जैसी देसी गायों तथा मेहसाणा, बन्नी, जाफराबादी और मुर्रा जैसी भैंसों की नस्लों को सुधारना और दूध उत्पादन बढ़ाना है। रिपोर्टों के अनुसार, यह कांकरेज नस्ल पर केंद्रित अपनी तरह का पहला केंद्र है।
किसानों को 24वीं पीएम-किसान किस्त और भाषण की बड़ी बातें
इसी मंच से प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 24वीं किस्त जारी की। रिपोर्टों के अनुसार, 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि देश भर के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में सीधे भेजी गई, जिसमें हर पात्र किसान को 2,000 रुपये मिले। गुजरात के 52.33 लाख से अधिक किसान परिवारों को इससे 1,051 करोड़ रुपये से अधिक मिलने की जानकारी दी गई है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि वे जीवन के अंतिम क्षण तक जनता की सेवा में लगे रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव के बीच उर्वरकों की वैश्विक कीमतों में भारी उछाल आया, लेकिन सरकार ने इसका बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग उर्वरक और रसोई गैस की कमी की अफवाहें फैलाकर किसानों में डर पैदा करना चाहते थे। ये बातें प्रधानमंत्री के भाषण के हवाले से रिपोर्टों में दर्ज हैं, और इस लेख में उन्हें उन्हीं के बयान के रूप में प्रस्तुत किया गया है, न कि स्वतंत्र तथ्य के रूप में।
शाम को एकता नगर: भारत पर्व और 31 अक्टूबर की तैयारी
बनासकांठा के कार्यक्रमों के बाद प्रधानमंत्री एकता नगर पहुँचे, जहाँ उन्होंने भारत पर्व 2026 का उद्घाटन किया। यह उत्सव 15 नवंबर तक चलेगा और इसमें राज्य व केंद्रशासित प्रदेश अपनी परंपराओं, लोक कलाओं, क्षेत्रीय व्यंजनों, हस्तशिल्प और पर्यटन स्थलों का प्रदर्शन करेंगे। शाम को एकता प्रकाश पर्व और नर्मदा आरती भी कार्यक्रम में शामिल थी।
31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे और राष्ट्रीय एकता दिवस के कार्यक्रमों में भाग लेंगे, जो सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के मौके पर आयोजित हो रहे हैं। उसी दिन एकता नगर में 400 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी प्रस्तावित है।
यह दौरा सिर्फ एक राज्य के दौरे से बढ़कर दिखता है — इसमें खेती, पशुपालन, शहरों का बुनियादी ढाँचा और राष्ट्रीय एकता का संदेश एक साथ बुना गया है। सवाल यह है कि भिलड़ी जैसे केंद्रों का लाभ छोटे किसान तक कितनी तेजी से पहुँचता है, और मेट्रो व सड़क परियोजनाएँ तय समय पर कितनी पूरी होती हैं। इन्हीं दो कसौटियों पर इस दौरे की असली सफलता तय होगी।
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स्रोत: डीडी इंडिया — बनासकांठा रोड शो और परियोजनाएँ और ईटीवी भारत — भिलड़ी बोवाइन ब्रीडिंग केंद्र।
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