देश के सबसे बड़े आईपीओ ने बुधवार को शेयर बाजार में धमाकेदार शुरुआत की। जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर बुधवार, 28 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई दोनों पर 1,358 रुपये पर लिस्ट हुए — इश्यू प्राइस 1,119 रुपये से 21.36 प्रतिशत अधिक। लिस्टिंग के साथ ही कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 12.5 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया और वह देश की दूसरी सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी बन गई, भारती एयरटेल को पीछे छोड़ते हुए। सबसे मूल्यवान कंपनी अब भी रिलायंस इंडस्ट्रीज है, जिसका बाजार पूंजीकरण करीब 16 लाख करोड़ रुपये है।
रिपोर्टों के अनुसार, लिस्टिंग के शुरुआती कारोबार में शेयर 1,374 रुपये तक भी गया और फिर 1,357-1,358 रुपये के आसपास टिका रहा। यह स्थिरता इसलिए भी अहम है, क्योंकि उसी दिन बाजार में गिरावट थी — आईटी शेयरों की कमजोरी, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले सतर्कता के बीच बाजार करीब एक प्रतिशत नीचे था, फिर भी जियो का शेयर अपनी बढ़त बनाए रहा।
कितना बड़ा था यह आईपीओ
जियो प्लेटफॉर्म्स का 30,213 करोड़ रुपये का आईपीओ देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है — यह हुंडई मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ से भी बड़ा है। यह इश्यू पूरी तरह फ्रेश इश्यू था, जिसमें 27 करोड़ नए शेयर जारी किए गए। प्राइस बैंड 1,065 से 1,119 रुपये था और इश्यू 21 अक्टूबर को खुलकर 23 अक्टूबर को बंद हुआ था।
रिपोर्टों के अनुसार, आईपीओ को कुल 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। पब्लिक इश्यू और एंकर निवेश को मिलाकर कुल मांग 7.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक रही और आवेदनों की संख्या एक करोड़ से अधिक रही — द हिंदू के अनुसार, एक करोड़ से अधिक आवेदन पाने वाला यह दुनिया का पहला आईपीओ है। इश्यू खुलने के पहले ही दिन 100 मिनट के भीतर पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था, जिसे भारत के सबसे तेज सब्सक्राइब होने वाले मेगा आईपीओ के तौर पर दर्ज किया गया है। एंकर निवेशकों से 19 अक्टूबर को करीब 8,110 करोड़ रुपये जुटाए गए थे, जिसमें 212 एंकर निवेशकों को 1,119 रुपये प्रति शेयर की दर से शेयर आवंटित हुए थे।
लिस्टिंग समारोह में आकाश अंबानी ने क्या कहा
एनएसई में घंटी बजाकर लिस्टिंग समारोह में जियो प्लेटफॉर्म्स के चेयरमैन आकाश अंबानी ने निवेशकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उनका दिल कृतज्ञता से भरा है — देश और विदेश के हर व्यक्ति और संस्थागत निवेशक के प्रति, जिन्होंने इस आईपीओ को ब्लॉकबस्टर सफलता बनाया। उन्होंने कहा कि जियो का ध्यान पारदर्शी संवाद, अपने वादों को पूरा करने और दीर्घकालिक निवेशक भरोसा बनाने पर रहेगा। कंपनी के होमग्रोन डिजिटल प्लेटफॉर्म अब 54 करोड़ से अधिक ग्राहकों तक पहुंचते हैं, और कंपनी डिजिटल पहुंच बढ़ाने पर ध्यान देगी।
दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बनने का मतलब
लिस्टिंग के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस समूह की दूसरी सबसे बड़ी सूचीबद्ध इकाई बन गई है। यह कंपनी रिलायंस की डिजिटल सेवाओं वाली इकाई है — इसमें मोबाइल कनेक्टिविटी, फिक्स्ड ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज सॉल्यूशन, क्लाउड सेवाएं और डिजिटल प्लेटफॉर्म शामिल हैं। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में टैरिफ बढ़ोतरी और होम ब्रॉडबैंड के विस्तार से कंपनी की राजस्व वृद्धि को सहारा मिल सकता है, हालांकि यह बाजार का अनुमान है, गारंटी नहीं।
निवेशकों के लिए सबक साफ है — लिस्टिंग का पहला दिन उत्साह से भरा रहा, लेकिन शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव हमेशा रहता है। आईपीओ में शेयर पाने वाले निवेशकों को लिस्टिंग प्राइस पर करीब 239 रुपये प्रति शेयर का फायदा हुआ है, लेकिन यह लाभ तभी पक्का होता है, जब शेयर बेचा जाए। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए कंपनी का कारोबार, टैरिफ और डिजिटल विस्तार ही असली कसौटी होगी, न कि पहले दिन की बढ़त।
स्रोत: द हिंदू, ऑनमनोरमा। जियो आईपीओ की पूरी जानकारी के लिए पढ़ें: जियो आईपीओ: प्राइस बैंड, तारीख और लॉट साइज की पूरी जानकारी।
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