Mona Agarwal Shatters World Record as India Crosses 100 Medals at Asian Para Games

शुक्रवार को जापान के ऐची-नागोया में भारत की पैरा-निशानेबाज मोना अग्रवाल ने वो कर दिखाया जो एशियाई पैरा खेलों के इतिहास में पहले किसी भारतीय ने नहीं किया था। महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री-पोजीशन SH1 स्पर्धा में उन्होंने 357.5 अंकों के विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता।

रिपोर्टों के अनुसार (The Statesman, Times of India), मोना का यह इन खेलों का दूसरा स्वर्ण है — इससे पहले उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल SH1 में खेलों के रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता था। उसी दिन भाला फेंक में हैनी ने भी विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण जीता, और भारत शुक्रवार को 100 पदकों का आंकड़ा पार कर गया।

इन खेलों की शुरुआत से पहले हमने 168 खिलाड़ियों के भारतीय दल पर एक विस्तृत पोस्ट प्रकाशित की थी — यहां पढ़ें।

एशियाई पैरा खेल 2026 में विश्व रिकॉर्ड 357.5 के साथ स्वर्ण जीतने के बाद राइफल लिए जश्न मनाती भारतीय पैरा-निशानेबाज (AI-निर्मित चित्र)


विश्व रिकॉर्ड वाली 357.5 — कैसे बना दिन ऐतिहासिक

फाइनल में मोना ने स्वीडन की अन्ना बेंसन के 356 के विश्व रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा — यह रिकॉर्ड इसी साल जुलाई में नोवी साड विश्व कप में बना था। चीन की चुइपिंग झांग 353.7 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं, यानी मोना ने 3.8 अंकों के स्पष्ट अंतर से जीत दर्ज की।

भारत की ही अवनी लेखरा 333.2 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहीं और पदक से चूक गईं। ध्यान देने वाली बात यह है कि रिपोर्टों के अनुसार मोना इस स्पर्धा में एशियाई पैरा खेलों में पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनी हैं — इससे पहले कोई भारतीय इस इवेंट में पोडियम तक नहीं पहुंचा था।

इससे पहले शुरुआती दिन मोना ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 में 250.0 अंकों के साथ खेलों का रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण जीता था; अवनी ने 249.6 के साथ रजत जीता। यानी एक ही खेलों में खेल-रिकॉर्ड और विश्व रिकॉर्ड — मोना का यह अभियान असाधारण रहा।

357.5 क्यों मायने रखता है

एलिट निशानेबाजी में विश्व रिकॉर्ड आमतौर पर दसवें-दहाई (टेंथ) के छोटे मार्जिन से टूटते हैं। 356 से 357.5 तक की छलांग — डेढ़ अंक का सुधार — इस स्तर पर बड़ा माना जाता है। और फाइनल में दूसरे स्थान से 3.8 अंकों की बढ़त बताती है कि मोना ने प्रतिस्पर्धा को नियंत्रित करके जीता, न कि किस्मत के भरोसे।

थ्री-पोजीशन — घुटनों के बल, लेटकर और खड़े होकर — में स्थिरता बनाए रखना शारीरिक और मानसिक दोनों चुनौती है। 50 मीटर की दूरी पर परिशुद्धता का यह सबसे कठिन इम्तिहान है; इसलिए इस रिकॉर्ड का वजन 10 मीटर के खेल-रिकॉर्ड से भी ज्यादा आंका जा रहा है।

हैनी का विश्व रिकॉर्ड और भारत के 103 पदक

शूटिंग रेंज के बाहर भी रिकॉर्ड टूटे। पुरुषों के भाला फेंक F37/38 में हैनी ने 60.49 मीटर के विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण जीता।

शुक्रवार दोपहर तक की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की झोली में 103 पदक (27 स्वर्ण, 33 रजत, 43 कांस्य) आ चुके हैं और वह तालिका में चौथे स्थान पर है — चीन, जापान और उज़बेकिस्तान के बाद।

हैंगझोउ के 111 की ओर भारत की दौड़

हैंगझोउ 2023 में भारत ने 111 पदकों के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। 103 से यह दूरी अब सिर्फ 8 पदकों की रह गई है। यानी रिकॉर्ड टूटना अब 'अगर' का नहीं, 'कब' का सवाल लग रहा है — बशर्ते आखिरी दिनों में भारत की लय बनी रहे।

यह हफ़्ता वैसे भी भारतीय खेल के लिए रिकॉर्ड-भरा रहा है — क्रिकेट में भी भारत ने इसी हफ़्ते रिकॉर्ड चेज़ देखा था। लेकिन मोना और हैनी जैसे रिकॉर्ड सिर्फ पदक तालिका नहीं बदलते; वे अगले पैरालंपिक चक्र के लिए भारत के पैरा-खेल कार्यक्रम का बेंचमार्क भी तय करते हैं।

विस्तृत कवरेज के लिए स्रोत रिपोर्टें: The Statesman | Times of India

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