NEET PG Counselling 2026 Round 1 Seat Allotment Result Declared: How to Check PDF at mcc.nic.in

मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने नीट पीजी काउंसलिंग 2026 के पहले राउंड का अनंतिम (प्रोविजनल) सीट अलॉटमेंट परिणाम 23 अक्टूबर को घोषित कर दिया है। रिपोर्टों के अनुसार उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट mcc.nic.in से PDF फॉर्मेट में अपना परिणाम डाउनलोड करके देख सकते हैं। इस राउंड में करीब 28,700 उम्मीदवारों को देश के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एमडी-एमएस पाठ्यक्रमों की सीटें आवंटित हुई हैं। सटीक संख्या को लेकर रिपोर्टों में मामूली अंतर है — एक रिपोर्ट में 28,723 और दूसरी में 28,728 उम्मीदवारों का जिक्र है — इसलिए 'करीब 28,700' का आंकड़ा ही संतुलित और सटीक होगा।

कंप्यूटर स्क्रीन पर नीट पीजी काउंसलिंग परिणाम देखते छात्रों का प्रतीकात्मक चित्रण

परिणाम कैसे देखें: mcc.nic.in पर PDF डाउनलोड

रिपोर्टों के अनुसार परिणाम देखने की प्रक्रिया सरल है। उम्मीदवारों को सबसे पहले MCC की आधिकारिक वेबसाइट mcc.nic.in खोलनी होगी। वहां 'PG Medical Counselling' सेक्शन में राउंड 1 के सीट अलॉटमेंट रिजल्ट का लिंक मिलेगा। उस लिंक पर क्लिक करके PDF फाइल डाउनलोड करें और उसमें अपने रोल नंबर या रैंक के आधार पर अपना नाम, आवंटित कॉलेज और पाठ्यक्रम जांचें।

एक अहम बात ध्यान रखें: यह परिणाम अनंतिम (प्रोविजनल) है, अंतिम नहीं। शिकायत विंडो बंद होने के बाद MCC अंतिम सूची जारी करेगा, और वही आधिकारिक मानी जाएगी। इसलिए PDF में अपना नाम देखकर निश्चिंत होने से पहले प्रक्रिया के अगले चरण को समझ लेना जरूरी है।

शिकायत दर्ज कराने की अंतिम तिथि: आज सुबह 11:30 बजे तक

यदि आपके आवंटन में कोई त्रुटि या विसंगति है — जैसे गलत कॉलेज, गलत श्रेणी या रैंक से जुड़ी कोई गड़बड़ी — तो आप MCC के 'Candidates Grievances' पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। लेकिन यह सुविधा केवल आज, 24 अक्टूबर को सुबह 11:30 बजे तक ही खुली है। इस समय-सीमा के बाद पोर्टल बंद हो जाएगा और कोई भी शिकायत स्वीकार नहीं की जाएगी।

रिपोर्टों के अनुसार शिकायत विंडो बंद होने के बाद MCC राउंड 1 का अंतिम (फाइनल) सीट अलॉटमेंट परिणाम जारी करेगा। इसलिए यह छोटी-सी विंडो बेहद कीमती है — अगर परिणाम में कुछ भी गलत लगे तो बिना देर किए अपनी शिकायत सही जानकारी के साथ दर्ज करा दें।

फ्रीज या फ्लोट: अब उम्मीदवारों को क्या करना है

सीट पाने वाले उम्मीदवारों के सामने अब एक अहम फैसला है — 'फ्रीज' या 'फ्लोट'। फ्रीज का मतलब है कि आप मिली हुई सीट स्वीकार कर लेते हैं और आगे के काउंसलिंग राउंड से बाहर हो जाते हैं। फ्लोट का मतलब है कि आप मौजूदा सीट अपने पास रखते हुए अगले राउंड में बेहतर विकल्प की उम्मीद में प्रक्रिया में बने रहते हैं।

इसके बाद 26 अक्टूबर से 2 नवंबर के बीच उम्मीदवारों को अपने आवंटित कॉलेज में दस्तावेजों के साथ रिपोर्ट करना होगा। रिपोर्टों के अनुसार इस चरण में मूल दस्तावेजों का सत्यापन होगा, इसलिए प्रवेश से जुड़े सभी प्रमाणपत्र पहले से तैयार रखना समझदारी होगी।

50 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटा: बाकी सीटों का क्या

यह समझना भी जरूरी है कि MCC देशभर के मेडिकल कॉलेजों की केवल 50 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटा (AIQ) सीटों का आवंटन संभालता है। शेष 50 प्रतिशत सीटें राज्य सरकारों के काउंसलिंग प्राधिकरणों द्वारा भरी जाती हैं। यानी जो उम्मीदवार इस राउंड में सीट नहीं पा सके हैं, उनके लिए राज्य कोटा काउंसलिंग का रास्ता अभी खुला है — अपने राज्य की काउंसलिंग प्रक्रिया पर नजर रखें।

हर साल नीट पीजी काउंसलिंग में सबसे बड़ी चुनौती समय-सीमाओं की होती है — एक छूटी हुई तारीख भारी पड़ सकती है। इस बार भी उम्मीदवारों के लिए सबसे बड़ा संदेश यही है: शिकायत की विंडो छोटी है, कॉलेज रिपोर्टिंग की तारीखें तय हैं, और हर कदम आधिकारिक वेबसाइट की जानकारी के आधार पर समय पर उठाना होगा।

चिकित्सा शिक्षा से जुड़ी हमारी पिछली रिपोर्ट में NMC के एमबीबीएस फर्स्ट प्रोफेशनल परीक्षा के दया याचिका नियमों को विस्तार से समझाया गया था, और तकनीकी शिक्षा की दिशा में भारत एआई फेलोशिप 2026-27 के लिए आवेदन की प्रक्रिया भी पढ़ें।

इस खबर की मूल रिपोर्टें Careers360 और Shiksha पर पढ़ें।

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