शेयर बाज़ार में उतार-चढ़ाव के बीच देश के सबसे बड़े सरकारी बैंकों में से एक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने निवेशकों को खुश करने वाली खबर दी है। बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2) में ₹5,500 करोड़ से ज़्यादा का रिकॉर्ड शुद्ध मुनाफा (नेट प्रॉफिट) दर्ज किया है — जो पिछले साल की समान तिमाही से करीब 13 प्रतिशत ज़्यादा है। इसके साथ ही बैंक ने बेयरिश (गिरते हुए) बाज़ार के दौर में ग्राहकों को सुरक्षित रिटर्न का विकल्प देने के लिए अपनी स्पेशल रिकरिंग डिपॉज़िट (RD) स्कीम का बड़ा कैंपेन शुरू करने की घोषणा की है। आइए जानते हैं नतीजों के अहम बिंदु और इसका आपके लिए क्या मतलब है।
रिकॉर्ड मुनाफा, घटता NPA
रिपोर्टों के अनुसार PNB के MD और CEO अशोक चंद्रा ने 17 अक्टूबर को वर्चुअल ब्रीफिंग में तिमाही नतीजे घोषित किए। बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) घटकर सितंबर 2026 के अंत में 2.55 प्रतिशत रह गया — एक साल पहले यह 3.45 प्रतिशत था। यानी डूबे हुए कर्ज़ की समस्या लगातार कम हो रही है, जो किसी भी बैंक की सेहत के लिए सबसे अहम पैमाना है।
हालांकि, ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 5 प्रतिशत से कम की बढ़ोतरी हुई। इसका कारण ट्रेजरी आय में कमी रही — इस तिमाही में बैंक को ट्रेजरी से सिर्फ ₹753 करोड़ का मुनाफा हुआ, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹1,769 करोड़ था। करीब ₹1,000 करोड़ के इस अंतर ने ऑपरेटिंग ग्रोथ को नीचे खींचा; बैंक का कहना है कि इसे जोड़ लें तो ऑपरेटिंग प्रॉफिट ₹8,500 करोड़ से ज़्यादा होता।
बेयरिश बाज़ार में RD स्कीम का कैंपेन
सबसे दिलचस्प ऐलान RD स्कीम को लेकर है। अशोक चंद्रा ने कहा कि बैंक के पास पहले से RD स्कीम है, लेकिन शेयर बाज़ार में चल रही अस्थिरता को देखते हुए अब इसे ज़ोर-शोर से प्रमोट किया जाएगा। उनके शब्दों में, "यह सही समय है इस प्रोडक्ट को पिच करने का और सभी ग्राहकों और जमाकर्ताओं को सुरक्षित रिटर्न देने का।" सीधा संदेश है — जब इक्विटी बाज़ार जोखिम भरा हो, तो RD जैसी गारंटीड रिटर्न वाली स्कीम निवेशकों के लिए सुरक्षित ठिकाना बन सकती है।
फेस्टिव सीजन पर बड़े टारगेट
क्रेडिट ग्रोथ को लेकर बैंक का आउटलुक मज़बूत है। चंद्रा के अनुसार कोर रिटेल लोन — जिसमें हाउसिंग, वेकेशन, मॉर्टगेज और एजुकेशन लोन आते हैं — अभी 16 प्रतिशत से ज़्यादा की दर से बढ़ रहा है, और फेस्टिव सीजन में इसके 17-18 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है। एग्रीकल्चर प्रायोरिटी सेक्टर 18 प्रतिशत की ग्रोथ बनाए हुए है, जबकि MSME लेंडिंग इस तिमाही में करीब 21 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है (अभी 20 प्रतिशत पर है)। कॉर्पोरेट सेगमेंट में भी रफ्तार दिखी — वित्त वर्ष के पहले दो तिमाहियों में ₹2.5 लाख करोड़ के लोन स्वीकृत हुए, जबकि पिछले पूरे वित्त वर्ष में ₹4 लाख करोड़ थे।
इसका आपके लिए क्या मतलब है?
PNB का कहना है कि पिछले दो वर्षों से हर तिमाही में ग्रोथ, एसेट क्वालिटी और प्रॉफिटेबिलिटी — तीनों मज़बूत रहे हैं, और यह ट्रेंड आने वाली तिमाहियों में भी जारी रहेगा। आम ग्राहकों के लिहाज़ से दो बातें मायने रखती हैं: पहला, त्योहारी सीजन में होम लोन और पर्सनल लोन लेना आसान और शायद सस्ता रह सकता है, क्योंकि बैंक क्रेडिट बढ़ाने के मूड में है। दूसरा, बाज़ार की अनिश्चितता में RD स्कीम का नया कैंपेन छोटे निवेशकों को सुरक्षित विकल्प देगा। लेकिन ध्यान रखें — कोई भी निवेश फैसला लेने से पहले स्कीम की ब्याज दर, लॉक-इन और शर्तें ज़रूर जांच लें।
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