बेंगलुरु और मुंबई के बीच रात भर का सफर अब और आरामदायक हो गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 1 नवंबर को बेंगलुरु के सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल (SMVT) से वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। यह दक्षिण भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन है और देश की तीसरी ऐसी सेवा। मुंबई से नियमित सेवा 2 नवंबर से और बेंगलुरु से 3 नवंबर से शुरू हो रही है।
रूट और स्टॉप: 1,118 किलोमीटर, 8 स्टेशन
यह ट्रेन SMVT बेंगलुरु और मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) के बीच चलती है और करीब 1,118 किलोमीटर की दूरी तय करती है। रास्ते में इसके आठ स्टॉप हैं: अनंतपुर, गुंटकल, रायचूर, यादगीर, कलबुर्गी, सोलापुर, पुणे और कल्याण। यानी यह ट्रेन कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र — तीन राज्यों को जोड़ती है, और बेंगलुरु-मुंबई रूट पर अब तक की सबसे तेज़ रात की सेवा बन जाती है।
टाइमिंग: शाम को चलो, दोपहर तक पहुंचो
बेंगलुरु से मुंबई जाने वाली ट्रेन संख्या 27652 शाम 7:45 बजे SMVT से रवाना होगी और अगले दिन सुबह 11:55 बजे CSMT पहुंचेगी — कुल सफर करीब 16 घंटे 10 मिनट का। वापसी में ट्रेन संख्या 27651 मुंबई CSMT से रात 8:10 बजे चलेगी और अगले दिन दोपहर 12 बजे SMVT बेंगलुरु पहुंचेगी — करीब 15 घंटे 50 मिनट का सफर।
दोनों दिशाओं में यह सेवा सप्ताह में छह दिन चलेगी। यात्रियों को सलाह है कि यात्रा से पहले आधिकारिक टाइमटेबल में अपनी तारीख का दिन ज़रूर जांच लें, क्योंकि साप्ताहिक अवकाश के दिन को लेकर रिपोर्टों में फर्क है।
किराया और कोच: तीन क्लास, 823 बर्थ
16 कोच वाली इस ट्रेन में तीन क्लास हैं — एसी फर्स्ट क्लास, एसी 2-टियर और एसी 3-टियर — और कुल 823 यात्रियों की क्षमता है। रिपोर्टों के अनुसार, बेंगलुरु-मुंबई के पूरे सफर का किराया एसी 3-टियर में 2,810 रुपये, एसी 2-टियर में 3,630 रुपये और फर्स्ट एसी में 4,450 रुपये है। किराया बोर्डिंग और गंतव्य स्टेशन के हिसाब से बदल सकता है, इसलिए बुकिंग के समय आधिकारिक किराया ज़रूर देखें।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, उद्घाटन वाली विशेष ट्रेन में रेल प्रेमियों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों ने सफर किया, और वाणिज्यिक सेवाओं के टिकट पहले ही बिक चुके हैं — यानी इस रूट पर नई स्लीपर सेवा की मांग साफ दिख रही है।
क्यों खास है यह ट्रेन
अब तक बेंगलुरु-मुंबई रूट पर रात की यात्रा के लिए यात्रियों के पास सीमित तेज़ विकल्प थे। रिपोर्टों के अनुसार, यह इस रूट की एकमात्र सुपरफास्ट ट्रेन होगी जिसकी औसत रफ्तार 55 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक है। स्लीपर वंदे भारत का मतलब है — दिन भर की थकान के बाद रात को सोकर सफर करना और सुबह काम के शहर में पहुंच जाना, बिना होटल का खर्च उठाए।
रेल मंत्री ने यह भी घोषणा की है कि भविष्य में हुब्बल्लि के रास्ते उत्तरी कर्नाटक को पुणे-मुंबई से जोड़ने वाली एक और वंदे भारत स्लीपर सेवा आएगी। फिलहाल, इस पहली सेवा से दो महानगरों के बीच व्यापार, पढ़ाई और पर्यटन के लिए आने-जाने वालों को सीधा फायदा होगा।
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स्रोत: एनडीटीवी और ईटी नाउ। रेल से जुड़ी पिछली खबर: साबरमती-कटरा सीधी ट्रेन।
