GRAP Stage-II Imposed in Delhi-NCR as AQI Hits 324 'Very Poor', First Time This Season

दिल्ली-NCR की हवा इस मौसम में पहली बार 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंच गई है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने सोमवार, 2 नवंबर को तत्काल प्रभाव से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का दूसरा चरण (Stage-II) लागू कर दिया। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 2 नवंबर को शाम 4 बजे 324 दर्ज किया गया, जबकि कुछ रिपोर्टों में यह 327 भी बताया गया है।

धुंध में डूबी दिल्ली की इमारतों और यातायात का प्रतीकात्मक चित्रण

तीन दिन में 117 से 324 तक पहुंचा AQI

CAQM के अनुसार, दिल्ली का AQI 31 अक्टूबर को 117 था, जो 1 नवंबर को बढ़कर 261 हुआ और 2 नवंबर को 300 का आंकड़ा पार कर गया। AQI 301 से 400 के बीच होने पर हवा को 'बहुत खराब' माना जाता है। सुबह 9 बजे AQI 312 दर्ज किया गया था, जो दिन चढ़ने के साथ और बिगड़ा।

IMD और IITM के पूर्वानुमान के अनुसार, प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के चलते आने वाले दिनों में भी दिल्ली की हवा 'बहुत खराब' श्रेणी में ही बने रहने की आशंका है। इसी आधार पर CAQM की उप-समिति ने Stage-II लागू करने का फैसला किया। GRAP का पहला चरण 21 अक्टूबर से ही लागू था।

यहां एक भ्रम दूर करना जरूरी है: 1 नवंबर से दिल्ली में जो वाहन पाबंदियां शुरू हुई थीं — दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-BS-VI वाहनों के प्रवेश पर रोक — वे सर्दियों के लिए तय मौसमी नियम हैं, जो 31 जनवरी 2027 तक लागू रहेंगे। 2 नवंबर का फैसला उससे अलग है: यह CAQM द्वारा AQI के 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंचने पर GRAP के दूसरे चरण की औपचारिक घोषणा है।

Stage-II में क्या-क्या पाबंदियां?

दूसरे चरण में धूल प्रदूषण रोकने के उपाय तेज कर दिए गए हैं। सड़कों की रोजाना यांत्रिक और वैक्यूम सफाई, पानी का छिड़काव और डस्ट सप्रेसेंट का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। चिह्नित हॉटस्पॉट पर प्रदूषण नियंत्रण के लक्षित उपाय तेज होंगे और निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण नियमों के पालन की सख्त जांच होगी।

इसके साथ ही कोयला और लकड़ी के इस्तेमाल पर सख्त पाबंदी लगाई गई है, जिसमें होटलों और रेस्तरां के तंदूर भी शामिल हैं। डीजल जनरेटर सेटों का संचालन भी भारी नियमन के दायरे में आएगा। निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ाया जाएगा, और सार्वजनिक कार्यालयों व नगर निकायों में काम के घंटे भी चरणबद्ध किए जाएंगे।

आपके लिए क्या बदलेगा?

आम लोगों के लिए सबसे बड़ा असर यह है कि सड़कों पर धूल कम करने के लिए सफाई और छिड़काव रात या सुबह के समय तेज होगा, और व्यस्त चौराहों पर यातायात प्रबंधन बढ़ेगा। वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) की जांच तेज होगी और धुआं छोड़ते वाहनों पर कार्रवाई होगी। प्रदूषण की शिकायत 311, ग्रीन दिल्ली और समीर मोबाइल ऐप पर दर्ज की जा सकती है।

दिवाली 8 नवंबर को है, और सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में 7 और 8 नवंबर को प्रमाणित ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति दी है। ऐसे में त्योहार से पहले हवा का बिगड़ना प्रशासन के लिए चिंता का विषय है। अगर हवा और बिगड़कर 'गंभीर' श्रेणी में पहुंचती है, तो GRAP का तीसरा चरण भी लागू हो सकता है।

आगे क्या?

CAQM ने सभी संबंधित एजेंसियों को Stage-I और Stage-II के उपाय पूरी गंभीरता से लागू करने, निगरानी करने और समीक्षा करने का निर्देश दिया है, ताकि AQI और न बिगड़े। फिलहाल राहत की उम्मीद मौसम पर टिकी है — हवा की रफ्तार बढ़ने या बारिश होने पर ही प्रदूषण में कमी आ सकती है।

स्रोत: Economic Times, The Week।

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