आम आदमी पार्टी (आप) ने शनिवार, 31 अक्टूबर को 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी। इस सूची में 40 उम्मीदवारों के नाम हैं, और खास बात यह है कि सभी 40 मौजूदा विधायक हैं — किसी नए चेहरे को पहली सूची में जगह नहीं मिली है।
रिपोर्टों के अनुसार, सूची दिल्ली में पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) की बैठक के बाद घोषित की गई। मुख्यमंत्री भगवंत मान एक बार फिर संगरूर जिले की धूरी सीट से चुनाव लड़ेंगे, जहां से उन्होंने 2022 में बड़ी जीत हासिल की थी। विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां को कोटकपूरा से उम्मीदवार बनाया गया है।
जेल में बंद मंत्री को भी टिकट
सबसे ज्यादा चर्चा जेल में बंद मंत्री संजीव अरोड़ा के नाम की हो रही है। उन्हें लुधियाना पश्चिम से उम्मीदवार बनाया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, अरोड़ा को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मई 2026 में कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था और वे फिलहाल गुरुग्राम की भोंडसी जेल में हैं।
आप ने इन आरोपों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है। यह मामला कथित तौर पर 100 करोड़ से 157.12 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग और फर्जी जीएसटी बिलिंग रैकेट से जुड़ा बताया गया है, जिसमें अरोड़ा की पूर्व कंपनी का नाम भी आया है। ये आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं, इसलिए इन्हें कथित के रूप में ही पढ़ा जाना चाहिए।
सूची की खासियतें
पहली सूची में चार महिला उम्मीदवार हैं — नकोदर से इंद्रजीत कौर मान, मोगा से डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा, बलाचौर से संतोष कटारिया और तलवंडी साबो से बलजिंदर कौर। रिपोर्टों के अनुसार, 40 में से 27 उम्मीदवार मालवा क्षेत्र से हैं, जो पंजाब की राजनीति में सबसे अहम इलाका माना जाता है।
सूची में तीन पूर्व मंत्री भी हैं — अजनाला से कुलदीप सिंह धालीवाल, अमृतसर दक्षिण से डॉ. इंद्रबीर सिंह निज्जर और होशियारपुर से ब्रह्म शंकर शर्मा 'जिम्पा'। वहीं, सूत्रों के हवाले से खबर है कि मौजूदा मंत्रियों के नाम अगली सूचियों में आएंगे। पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस का नाम पहली सूची में न होने पर भाजपा ने सवाल भी उठाए हैं।
2027 की लड़ाई का गणित
पंजाब की 117 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 16 मार्च 2027 को समाप्त हो रहा है, और मतदान फरवरी-मार्च 2027 के आसपास होने की उम्मीद है। आप 117 में से 94-95 विधायकों के साथ सत्ता में है, और पहली सूची से साफ है कि पार्टी अपने मौजूदा विधायकों पर ही भरोसा जता रही है।
रिपोर्टों के अनुसार, आप 2027 के लिए उम्मीदवार घोषित करने वाली पहली बड़ी पार्टी है। यह रणनीति दोधारी है — एक ओर इससे पार्टी के विधायकों को तैयारी का लंबा समय मिलेगा, दूसरी ओर जिन सीटों पर नए चेहरे की उम्मीद थी, वहां असंतोष भी उभर सकता है। अगली सूचियों में मंत्रियों और नए चेहरों के नाम इस तस्वीर को और साफ करेंगे।
मूल स्रोत: द ट्रिब्यून और द इंडियन एक्सप्रेस। संबंधित: एसआईआर की समयसीमा छह राज्यों में बढ़ी और सीईसी की जनता की अदालत।
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