देश की सबसे बड़ी पेंट कंपनी एशियन पेंट्स ने सितंबर तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए हैं — और साथ में शेयरधारकों के लिए एक अच्छी खबर भी है। 29 अक्टूबर 2026 को आए नतीजों के अनुसार कंपनी का शुद्ध मुनाफा 7.5% बढ़कर 1,067.6 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि शुद्ध बिक्री 16.9% की बढ़ोतरी के साथ 9,953.9 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। बोर्ड ने 5.75 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया है।
हालांकि तस्वीर पूरी तरह एकतरफा नहीं है। मुनाफा बढ़ा जरूर है, लेकिन बाजार के अनुमानों से कम रहा — और लागत के दबाव से मार्जिन घटा है। नतीजों के बाद शेयर में करीब 1% की गिरावट भी देखी गई। आइए आंकड़ों को एक-एक करके समझते हैं।

मुनाफा बढ़ा, लेकिन अनुमान से कम
रिपोर्टों के अनुसार एशियन पेंट्स का एकीकृत शुद्ध मुनाफा सितंबर तिमाही में 993.6 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,067.6 करोड़ रुपये हो गया — यानी साल-दर-साल 7.5% की बढ़ोतरी। लेकिन यह आंकड़ा बाजार के अनुमान (करीब 1,120 करोड़ रुपये) से कम रहा। इसी तरह परिचालन लाभ (PBDIT) 3.6% बढ़कर 1,557.1 करोड़ रुपये हुआ, जबकि इसका मार्जिन घटकर 15.6% रह गया।
कंपनी के अनुसार इसकी वजह लगातार कच्चे माल की महंगाई और भू-राजनीतिक कारणों से आपूर्ति की दिक्कतें हैं। कंपनी ने कीमतों में चरणबद्ध बढ़ोतरी की है और लागत का एक हिस्सा खुद उठाया है, ताकि ग्राहकों की मांग बनी रहे। प्रबंध निदेशक और सीईओ अमित सिंघल ने इस तिमाही को मौसमी रूप से नरम तिमाही बताते हुए प्रदर्शन को मजबूत करार दिया है।
बिक्री में दमदार बढ़ोतरी — डेकोरेटिव कारोबार आगे
बिक्री के मोर्चे पर कहानी मजबूत रही। घरेलू कोटिंग्स कारोबार में मूल्य वृद्धि 16.4% रही, जबकि डेकोरेटिव कारोबार का मूल्य 14.5% और वॉल्यूम 6.4% बढ़ा। औद्योगिक कोटिंग्स का प्रदर्शन भी तेज रहा। अंतरराष्ट्रीय कारोबार की शुद्ध बिक्री 29.5% बढ़कर 1,095.6 करोड़ रुपये हो गई, हालांकि वहां कर-पूर्व मुनाफा घटा है।
इसी तिमाही में कंपनी ने दहेज स्थित अपने विनाइल एसीटेट एथिलीन (VAE) संयंत्र के पहले चरण को भी चालू किया है। कंपनी का कहना है कि यह सुविधा नए उत्पादों और लागत प्रतिस्पर्धा में मदद करेगी। बाथ फिटिंग्स कारोबार की बिक्री 18.5% बढ़कर 94 करोड़ रुपये हुई और वह मुनाफे में लौट आया है, जबकि किचन कारोबार की बिक्री 13% बढ़कर 110.3 करोड़ रुपये हुई।
शेयरधारकों को क्या मिलेगा: 575% डिविडेंड
बोर्ड ने 31 मार्च 2027 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष के लिए 1 रुपये अंकित मूल्य वाले प्रत्येक शेयर पर 5.75 रुपये का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है — यानी 575% का भुगतान। इसके लिए रिकॉर्ड तिथि 4 नवंबर 2026 तय की गई है। यानी उस दिन कंपनी के रिकॉर्ड में जिन शेयरधारकों का नाम होगा, वे डिविडेंड के हकदार होंगे। भुगतान 13 नवंबर 2026 से या उसके बाद किया जाएगा।
निवेशकों के लिए सबक साफ है: कंपनी की बिक्री मजबूत है, लेकिन मार्जिन पर दबाव बना हुआ है। आने वाली तिमाहियों में कच्चे माल की कीमतें और कीमत बढ़ोतरी का असर ही यह तय करेगा कि मुनाफा बिक्री की रफ्तार पकड़ पाता है या नहीं।
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स्रोत: ज़ी बिज़नेस और सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्टों के अनुसार।