एलके आडवाणी अस्पताल से डिस्चार्ज: सीने के संक्रमण से तीन दिन में सुधार

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। 98 वर्षीय नेता को 16 अक्टूबर को सीने के संक्रमण के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां तीन दिन के इलाज के बाद उनकी सेहत में सुधार हुआ। अस्पताल ने सोमवार को बयान जारी कर इसकी पुष्टि की।

अस्पताल से बाहर आकर समर्थकों का अभिवादन करते वरिष्ठ नेता का चित्र

यह लेख केवल सामान्य जानकारी है, चिकित्सा सलाह नहीं।

कैसे बिगड़ी थी तबीयत?

रिपोर्टों के अनुसार, आडवाणी को शुक्रवार, 16 अक्टूबर की शाम करीब 7:30 बजे अस्पताल के पल्मोनरी विभाग में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के बयान के मुताबिक, वे वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. विनीत सूरी की देखरेख में थे और उनकी हालत में सुधार हुआ है, जिसके बाद सोमवार को उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। भर्ती के दौरान उनकी हालत स्थिर बताई गई थी और डॉक्टरों की विशेष टीम उनकी निगरानी कर रही थी।

नड्डा ने अस्पताल जाकर पूछा हाल

शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा अस्पताल पहुंचे और आडवाणी का हालचाल पूछा। ओडिशा के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वे वरिष्ठ नेता के अस्पताल में भर्ती होने की खबर से चिंतित हैं और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। देशभर के नेताओं ने भी उनके जल्द ठीक होने की शुभकामनाएं दी थीं।

पहले भी हो चुके हैं भर्ती

यह पहली बार नहीं है जब आडवाणी को उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया हो। रिपोर्टों के अनुसार, इसी साल मई में भी उन्हें अपोलो अस्पताल में कुछ दिनों तक इलाज के बाद छुट्टी मिली थी। इससे पहले दिसंबर 2024 में उन्हें न्यूरोलॉजिस्ट की निगरानी में ICU में रखा गया था, जहां मेडिकल जांच और प्रबंधन के बाद उनकी हालत स्थिर बताई गई थी।

राम जन्मभूमि आंदोलन से उपप्रधानमंत्री तक

रिपोर्टों के अनुसार, आडवाणी का जन्म 8 नवंबर 1927 को कराची (वर्तमान पाकिस्तान) में हुआ था। वे कई बार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में देश के उपप्रधानमंत्री रहे। भाजपा को एक छोटी राजनीतिक शक्ति से राष्ट्रीय संगठन बनाने में उनकी भूमिका को पार्टी के इतिहास में निर्णायक माना जाता है। उम्र बढ़ने के साथ उनकी सार्वजनिक उपस्थिति सीमित हुई है, लेकिन पार्टी में उनका सम्मान आज भी बरकरार है।

भाजपा के सबसे वरिष्ठ चेहरों में एक

8 नवंबर 1927 को जन्मे आडवाणी भाजपा के इतिहास के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने पार्टी को एक छोटी राजनीतिक शक्ति से राष्ट्रीय संगठन बनाने में अहम भूमिका निभाई, कई बार भाजपा अध्यक्ष रहे और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में देश के उपप्रधानमंत्री पद तक पहुंचे। उनके स्वस्थ होकर घर लौटने से समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने राहत की सांस ली है। डॉक्टरों की सलाह के अनुसार, अब उन्हें घर पर आराम और नियमित देखभाल की जरूरत होगी। 98 वर्ष की आयु में तीन दिन में स्वस्थ होकर घर लौटना उनके हौसले और चिकित्सकों की देखभाल — दोनों का प्रमाण माना जा रहा है।

स्रोत: टाइम्स नाउ (ANI) | हिंदुस्तान टाइम्स

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