PV Sindhu Loses French Open Final to An Se Young After Winning First Game

भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पी.वी. सिंधु फ्रेंच ओपन 2026 के फाइनल में हार गईं। पेरिस के एरीना ग्रां पैलेस में 25 अक्टूबर को खेले गए फाइनल में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी दक्षिण कोरिया की आन से यंग ने उन्हें 21-16, 11-21, 12-21 से हराया। सिंधु ने पहला गेम जीतकर उम्मीद जगाई थी, लेकिन इसके बाद आन ने अपनी निरंतरता और बचाव से मैच पलट दिया। मुकाबला 61 मिनट चला।

बैडमिंटन कोर्ट पर नेट के ऊपर उड़ते शटल का प्रतीकात्मक चित्रण


पहला गेम सिंधु ने कैसे जीता

रिपोर्टों के अनुसार, सिंधु ने शुरुआत में अपनी पहुंच और आक्रामक खेल का अच्छा इस्तेमाल किया। 11-11 की बराबरी के बाद उन्होंने बढ़त बनाई और पहला गेम 20 मिनट में 21-16 से जीत लिया। यह उनके करियर में सिर्फ दूसरी बार था जब वे आन से यंग के खिलाफ कोई गेम जीत पाईं। इससे पहले 2023 की बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में उन्होंने आन के खिलाफ पहला गेम जीता था, लेकिन मैच हार गई थीं।

पहले गेम की जीत इसलिए भी बड़ी थी क्योंकि आन के खिलाफ सिंधु का रिकॉर्ड अब तक एकतरफा रहा है। फाइनल से पहले दोनों के बीच 11 मुकाबले हो चुके थे और सिंधु एक भी नहीं जीत पाईं थीं। पहला गेम जीतना यह दिखाता है कि सिंधु का खेल शीर्ष स्तर पर टक्कर दे सकता है, भले ही पूरा मैच जीतना अभी बाकी हो।

दूसरे और तीसरे गेम में क्या बदला

रिपोर्टों के अनुसार, दूसरे गेम में आन ने जल्दी बढ़त बनाई और सिंधु की गलतियां बढ़ने पर गेम 21-11 से अपने नाम कर लिया। निर्णायक गेम में सिंधु ने 8-5 की बढ़त भी बनाई, लेकिन आन ने वापसी करके मध्यांतर तक 11-9 की बढ़त ले ली। इसके बाद आन ने लगातार अंक बटोरे और 15-9 की बढ़त के साथ मैच पर पकड़ मजबूत कर ली। आखिर में उन्होंने पहला ही मैच पॉइंट भुनाकर खिताब जीत लिया।

मैच के बाद सिंधु ने कहा कि शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ हर अंक पर शत-प्रतिशत देना होता है और हर अंक के लिए लड़ना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मैच से उन्हें काफी सकारात्मक बातें मिली हैं और आगे बेहतर बैडमिंटन की उम्मीद है। यह बयान हार के बाद भी उनके आत्मविश्वास को दिखाता है।

यह फाइनल सिंधु के सीजन में कहां खड़ा है

रिपोर्टों के अनुसार, यह सिंधु का इस सीजन का दूसरा बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर सुपर 750 फाइनल था। इससे पहले उन्होंने जुलाई में जापान ओपन जीता था, जो दिसंबर 2024 के बाद उनका पहला बीडब्ल्यूएफ खिताब था। फ्रेंच ओपन के फाइनल तक पहुंचने के रास्ते में उन्होंने सेमीफाइनल में जापान की हिना अकेनी को तीन गेम में हराया था। दुनिया में 11वें नंबर की सिंधु दो बार की ओलंपिक पदक विजेता और पूर्व विश्व चैंपियन हैं।

आन के लिए यह उनका चौथा फ्रेंच ओपन खिताब है। वे ओलंपिक और विश्व चैंपियन हैं और इस समय महिला बैडमिंटन की सबसे मजबूत खिलाड़ी मानी जाती हैं। सिंधु के खिलाफ 11-0 का रिकॉर्ड इसी दबदबे को दिखाता है।

आगे सिंधु के लिए क्या मायने रखता है

फाइनल हारना निराशाजनक है, लेकिन फाइनल तक पहुंचना खुद एक संकेत है। सिंधु ने जापान ओपन जीतकर और अब फ्रेंच ओपन के फाइनल में पहुंचकर यह दिखाया है कि वे फिर से बड़े टूर्नामेंटों के अंतिम दौर में हैं। अगला कदम पहला गेम जीतने वाली लय को पूरे मैच में बनाए रखना है, खासकर तब जब प्रतिद्वंद्वी वापसी करे।

भारतीय बैडमिंटन के लिहाज से यह प्रदर्शन इसलिए भी अहम है क्योंकि यह सीजन में भारत की ओर से सुपर 300 से ऊपर के स्तर पर फाइनल तक पहुंचने का दसवां मौका था। सिंधु की मौजूदगी युवा खिलाड़ियों के लिए भी एक मानक तय करती है।

स्रोत: न्यू इंडियन एक्सप्रेस, द ट्रिब्यून। और पढ़ें: भारत-न्यूजीलैंड पहला टी20: 226 रन का रिकॉर्ड चेज, एशियन पैरा गेम्स 2026 में 168 भारतीय खिलाड़ी।

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