शुभमन गिल की रणजी वापसी: पंजाब के लिए छत्तीसगढ़ के खिलाफ खेलेंगे, न्यूज़ीलैंड टेस्ट से पहले रेड-बॉल प्रैक्टिस

 

न्यूज़ीलैंड के कठिन टेस्ट दौरे से पहले टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल ने तैयारी का बिल्कुल घरेलू रास्ता चुना है — घरेलू क्रिकेट। गिल रणजी ट्रॉफी में पंजाब की टीम के लिए छत्तीसगढ़ के खिलाफ दूसरे राउंड का मैच खेलेंगे, जो रविवार, 18 अक्टूबर से मुल्लांपुर (न्यू चंडीगढ़) में शुरू हो रहा है। टीम का पहला मैच छोड़ने के बाद गिल आखिरी समय में स्क्वाड से जुड़े हैं, और उनका एक ही मकसद है — नवंबर में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ से पहले रेड-बॉल क्रिकेट का मैच प्रैक्टिस।

नीली जर्सी में बैटिंग प्रैक्टिस करते क्रिकेटर पर आधारित चित्र — शुभमन गिल की रणजी ट्रॉफी वापसी

मैच और स्क्वाड की पूरी जानकारी

रिपोर्टों के मुताबिक पंजाब की टीम की कमान उदय सहारन के हाथों में रहेगी, और गिल के नंबर 4 पर बैटिंग करने की उम्मीद है — ऐसे में जशनप्रीत सिधू को प्लेइंग इलेवन से बाहर बैठना पड़ सकता है। विकेटकीपर-बल्लेबाज़ प्रभसिमरन सिंह भी टीम में वापसी के दावेदार हैं; वह इंडिया A के ऑस्ट्रेलिया A के खिलाफ वनडे मैचों की वजह से असम के खिलाफ पहला मैच नहीं खेल पाए थे।

पंजाब ने असम के खिलाफ पहले मैच में पहली पारी की बढ़त से 3 अंक हासिल किए थे। उस मैच में डेब्यू करने वाले विहान मल्होत्रा, इमानजोत चहल और सलिल अरोड़ा ने शतक जड़े थे। सबसे चर्चित वापसी दिग्गज तेज़ गेंदबाज़ उमेश यादव की रही — विदर्भ से पंजाब आए उमेश ने दो साल से ज़्यादा समय बाद प्रथम श्रेणी क्रिकेट में वापसी करते हुए असम के खिलाफ 70 रन देकर 5 विकेट लिए, जो उनका 16वां प्रथम श्रेणी फाइव-विकेट हॉल है।

निजी नेट बॉलर: खर्च खुद की जेब से

गिल की तैयारी सिर्फ रणजी मैच तक सीमित नहीं है। PTI की रिपोर्ट के अनुसार न्यूज़ीलैंड दौरे के लिए वह अपने साथ चार से पांच निजी नेट बॉलर ले जाएंगे, और उनका सारा खर्च वह खुद उठाएंगे। BCCI विदेशी दौरों पर टीम के लिए नेट बॉलर की व्यवस्था करता ही है, लेकिन कप्तान का सिर्फ अपने अभ्यास के लिए अलग गेंदबाज़ों का दल ले जाना — वह भी अपने पैसे पर — रिपोर्टों के मुताबिक किसी क्रिकेटर ने पहले कभी नहीं किया।

इंडिया A के न्यूज़ीलैंड A के खिलाफ टेस्ट मैचों में गिल नहीं खेलेंगे, क्योंकि वनडे की ज़िम्मेदारियां उन्हें वहां रोकती हैं। रिपोर्टों के मुताबिक वह 23 या 24 अक्टूबर को न्यूज़ीलैंड रवाना होंगे। न्यूज़ीलैंड के खिलाफ 4 से 15 नवंबर तक होने वाले पहले तीन वनडे में वह कप्तानी करेंगे, और फिर टेस्ट की तैयारी के लिए वनडे की कमान श्रेयस अय्यर को सौंप देंगे।

फॉर्म और आगे का शेड्यूल

गिल इस समय शानदार फॉर्म में हैं। वेस्टइंडीज़ के खिलाफ 2-1 से जीती घरेलू वनडे सीरीज़ में उन्होंने 167 की औसत से 334 रन बनाए। एशियानेट न्यूज़ के मुताबिक 2026 में अब तक 15 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उनके नाम 91.25 की औसत से 1,095 रन हैं — 4 शतक और 6 अर्धशतक, जिसमें दूसरे वनडे में वेस्टइंडीज़ के खिलाफ नाबाद 223 रन का सर्वश्रेष्ठ स्कोर भी शामिल है। इस साल 3 टेस्ट में उन्होंने 4 पारियों में 50 की औसत से 200 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल है। पंजाब के लिए 14 प्रथम श्रेणी मैचों में उनका रिकॉर्ड 58.90 की औसत से 1,296 रन का है, जिसमें 5 शतक और 268 का सर्वश्रेष्ठ स्कोर है।

न्यूज़ीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ 19 नवंबर से शुरू हो रही है, और दौरे से पहले एक वॉर्म-अप मैच की भी योजना है। तेज़, स्विंग वाली न्यूज़ीलैंड की पिचें गिल की तकनीक की असली परीक्षा लेंगी — इसलिए रेड-बॉल मैच प्रैक्टिस का यह फैसला रणनीतिक तौर पर अहम है।

हमारा विश्लेषण

कप्तान के तौर पर गिल का यह कदम संदेश भी है और तैयारी भी। जब टीम का सबसे बड़ा सितारा घरेलू क्रिकेट खेलने के लिए समय निकालता है, तो यह पूरे ड्रेसिंग रूम के लिए मानक तय करता है — और ठीक उसी समय जब BCCI चयन समिति के शीर्ष पद को लेकर बहस चल रही है (वसीम जाफर के आवेदन पर हमारी खबर पढ़ें), यह याद दिलाता है कि भारतीय क्रिकेट की असली बुनियाद रणजी ट्रॉफी ही है।

निजी नेट बॉलर वाला फैसला भी दिलचस्प है — यह दिखाता है कि गिल न्यूज़ीलैंड की परिस्थितियों को कितनी गंभीरता से ले रहे हैं। लेकिन इससे BCCI की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठता है: अगर कप्तान को अलग से गेंदबाज़ चाहिए, तो क्या टीम की नियमित तैयारी में कोई कमी है? IPL में भी कोचिंग की कुर्सियां हिल रही हैं — माहेला जयवर्धने के मुंबई इंडियंस से अलगाव पर हमारी खबर पढ़ें।

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