उत्तर प्रदेश में रविवार, 25 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग यानी यूपीएसएसएससी की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा यानी पीईटी 2026 आयोजित हुई। रिपोर्टों के अनुसार, इस परीक्षा के लिए लगभग 33 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। प्रदेश भर के परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे। प्रयागराज जैसे केंद्रों पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की लंबी कतारें देखी गईं और भीड़ प्रबंधन को पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर बताया गया।
25 अक्टूबर को क्या हुआ
रिपोर्टों के अनुसार, सभी केंद्रों पर सुरक्षा जांच और पहचान पत्रों की पुष्टि के बाद ही अभ्यर्थियों को अंदर जाने दिया गया। मोबाइल फोन और बैग केंद्र के बाहर बने काउंटरों पर रखे गए। प्रयागराज में परीक्षा देने पहुंचे चंदौली के अभ्यर्थी जय किसान सिंह ने बताया कि उनकी परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक थी और भीड़ प्रबंधन पहले से काफी बेहतर था। एक अन्य अभ्यर्थी विशाल ने भी सुरक्षा व्यवस्था की तारीफ की और कहा कि पुलिस और प्रशासन के लोग व्यवस्थित तरीके से कतारें लगवा रहे थे।
इंडियन एक्सप्रेस की लाइव रिपोर्ट के अनुसार, दूसरे जिलों से आए अभ्यर्थियों ने भी भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा जांच की तारीफ की। प्रशासन का मकसद परीक्षा को शांतिपूर्ण और नकलमुक्त रखना था। परीक्षा के पूरी तरह नकलमुक्त रहने का आकलन परीक्षा समाप्त होने के बाद ही हो पाएगा, लेकिन केंद्रों पर दिखी व्यवस्था से अभ्यर्थियों को भरोसा मिला।
पीईटी आखिर है क्या
पीईटी कोई नौकरी की सीधी परीक्षा नहीं है। यह एक प्रारंभिक पात्रता परीक्षा है, जो उत्तर प्रदेश सरकार के समूह 'ग' यानी ग्रुप सी पदों की भर्तियों का द्वार खोलती है। आसान शब्दों में कहें तो पीईटी पास करना यह तय करता है कि अभ्यर्थी आगे की मुख्य भर्तियों के लिए पात्र है या नहीं। इसके बाद अलग-अलग पदों के लिए मुख्य परीक्षा और अन्य चरण होते हैं।
यही वजह है कि पीईटी में इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल होते हैं। समूह ग के पदों में लिपिक, लेखा, राजस्व और अन्य प्रशासनिक काम शामिल होते हैं, जो राज्य सरकार के कामकाज की रीढ़ माने जाते हैं। एक ही पात्रता परीक्षा से कई भर्तियों का रास्ता खुलता है, इसलिए लाखों युवा इसमें अपनी किस्मत आजमाते हैं।
इतनी भीड़ क्यों, व्यवस्था कैसी रही
33 लाख आवेदनों का आंकड़ा अपने आप में यह बताता है कि सरकारी नौकरी की चाह कितनी बड़ी है। इतने अभ्यर्थियों के लिए केंद्र, परिवहन और सुरक्षा की व्यवस्था करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है। इस बार अभ्यर्थियों ने जिस बात की सबसे ज्यादा तारीफ की, वह थी अंतराल के साथ परीक्षा का आयोजन। रिपोर्टों के अनुसार, परीक्षा को उचित अंतराल के साथ आयोजित करने से आवाजाही की दिक्कतें कम हुईं और भीड़ एक जगह जमा नहीं हुई।
लेकिन भीड़ की समस्या का दूसरा पहलू भी है। दूसरे जिलों से आए अभ्यर्थियों को यात्रा, ठहरने और खाने की व्यवस्था खुद करनी पड़ती है। परीक्षा के दिन ट्रेनों और बसों पर दबाव बढ़ता है और छोटे शहरों के केंद्रों पर भीड़ लग जाती है। इसलिए परीक्षा की व्यवस्था सिर्फ केंद्र के अंदर की जांच तक सीमित नहीं होती, बल्कि पूरे शहर की तैयारी से जुड़ी होती है।
परीक्षा के बाद क्या होगा
परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों की नजर उत्तर कुंजी और परिणाम पर रहेगी। अभी तक परिणाम की तारीख के बारे में कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है, इसलिए सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी तारीख पर भरोसा करने से पहले यूपीएसएसएससी की आधिकारिक सूचना का इंतजार करना चाहिए। पीईटी के नतीजे के बाद पात्र अभ्यर्थी समूह ग के पदों के लिए होने वाली मुख्य भर्तियों में आवेदन कर सकेंगे।
अभ्यर्थियों के लिए सबसे जरूरी सलाह यही है कि वे अपने दस्तावेज और आवेदन की जानकारी संभालकर रखें और सिर्फ आधिकारिक स्रोतों से अपडेट लें। फर्जी वेबसाइटों और परिणाम के नाम पर पैसे मांगने वालों से सावधान रहना भी उतना ही जरूरी है।
स्रोत: Latestly, Indian Express
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