बिहार: जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार को हार्ट अटैक, पटना मेदांता के ICU में भर्ती

चुनावी गहमागहमी के बीच बिहार से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। पटना स्नातक सीट से जेडीयू के प्रत्याशी और विधान परिषद के तीन बार के सदस्य नीरज कुमार को सोमवार देर रात दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उन्हें पटना के मेदांता अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में भर्ती कराया गया है। यह घटना उस समय हुई है जब बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए मतदान में महज तीन दिन बचे हैं — ऐसे में यह सिर्फ एक स्वास्थ्य समाचार नहीं, बल्कि चुनावी समीकरणों को हिला देने वाली बड़ी घटना बन गई है।

रात में पटना के मेदांता अस्पताल के बाहर एम्बुलेंस और प्रतीक्षारत लोग — ICU में भर्ती जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार से जुड़ी खबर का प्रतीकात्मक चित्रण

सोमवार देर रात क्या हुआ

इंडिया टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, 19 अक्टूबर की देर रात नीरज कुमार को दिल से जुड़ी गंभीर परेशानी हुई, जिसके बाद उन्हें तुरंत मेदांता अस्पताल ले जाया गया और ICU में भर्ती किया गया। वे पहले से ही हृदय रोगी रहे हैं — आईएएनएस की रिपोर्ट में भी इस बात की पुष्टि हुई है। फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में ICU में उनका इलाज चल रहा है। हालांकि, एबीपी लाइव के अनुसार अस्पताल की ओर से उनकी सेहत को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है, इसलिए उनकी मौजूदा स्थिति की जानकारी रिपोर्टों के अनुसार ही मिल रही है।

अनंत सिंह से टकराव और जेडीयू की अंदरूनी खींचतान

नीरज कुमार की मुश्किल सिर्फ सेहत तक सीमित नहीं है। आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, पटना स्नातक सीट के चुनाव में जेडीयू के ही विधायक अनंत सिंह (मोकामा) ने खुलकर जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह का समर्थन किया है और नीरज कुमार की कई बार सार्वजनिक आलोचना भी की है। दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से मतभेद चले आ रहे हैं — विधानसभा चुनाव के दौरान भी वे एक-दूसरे के खिलाफ प्रचार कर चुके हैं। केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह ने दोनों के बीच सुलह कराने की कोशिश की थी, लेकिन अनंत सिंह अपने रुख पर अडिग रहे और जन सुराज प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार जारी रखा।

15 अक्टूबर को बाढ़ (पटना जिला) की एक चुनावी रैली में नीरज कुमार ने बिना नाम लिए अपने आलोचकों को जवाब दिया था। इंडिया टीवी के अनुसार, उन्होंने कहा था — "मैं डरने वाला नहीं, अड़ने वाला हूं।" उन्होंने दशकों पुराने परिचय वाले मतदाताओं से अपील की थी कि वे उनके चरित्र का आकलन खुद करें और बताया था कि वे पार्टी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति निष्ठावान रहे हैं।

23 अक्टूबर का मतदान और आगे का रास्ता

लोकमत टाइम्स के अनुसार, बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए मतदान 23 अक्टूबर को होगा और नतीजे 27 अक्टूबर को घोषित होंगे। चुनाव प्रचार के चरम दौर में प्रमुख प्रत्याशी का ICU में भर्ती होना जेडीयू के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता अस्पताल के बाहर उनकी सेहत की हर खबर पर नजर रखे हुए हैं।

विश्लेषण की दृष्टि से यह घटना चुनावी राजनीति के दोहरे दबाव को उजागर करती है — एक तरफ कड़ा मुकाबला, दूसरी तरफ अपने ही दल के भीतर की लड़ाई। नीरज कुमार तीन बार विधान परिषद सदस्य रह चुके अनुभवी नेता हैं, लेकिन इस बार चुनौती अपने ही विधायक से मिल रही है। मतदान से ठीक पहले उनकी बीमारी से प्रचार तो प्रभावित होगा ही, स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं में सहानुभूति की लहर भी उठ सकती है। अगर वे जल्द स्वस्थ होकर मैदान में लौटते हैं, तो यह उनके पक्ष में भावनात्मक माहौल बना सकता है; लेकिन इलाज लंबा खिंचा तो जेडीयू को इस सीट पर नेतृत्व की कमी का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

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स्रोत: इंडिया टीवी, एबीपी लाइव, लोकमत टाइम्स

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